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ज़िन्दगी से हारा हुआ स्टेटस

ज़िन्दगी से हारा हुआ स्टेटस नाज़ुक सी उंगलियाँ मेरे दिए गुलाब को आप मसल के देखिए ये हुस्न देखकर ही तो वो चाँद परेशान है वो जल रहा है आपसे, अपने ही छत से देखिए 

ज़िन्दगी से हारा हुआ स्टेटस

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1.दर्द दे कर इश्क़ ने हमे रुला दिया,
जिस पर मरते थे उसने ही हमे भुला दिया,
हम तो उनकी यादों में ही जी लेते थे,
मगर उन्होने तो यादों में ही ज़हेर मिला दिया.

2.नदी को सागर से मिलने से ना रोको,
बारिस की बूंदों को धरती से मिलने से ना रोको,
जिन्दा रहने के लिए तुमको देखना जरुरी है,
मुझे तुम्हारा दीदार करने से ना रोको.

3.दिल की धड़कन और मेरी सदा है वो;
मेरी पहली और आखिरी वफ़ा है वो;
चाहा है उसे चाहत से बड़ कर;
मेरी चाहत और चाहत की इंतिहा है वो!

4.सब ने चाहा कि उसे हम ना मिलें हम ने चाहा उसे ग़म ना मिलें
अगर ख़ुशी मिलती है उसे हम से जुदा होकर तो दुआ है ख़ुदा से कि उसे कभी हम ना मिलें….:))

5.सफ़र लिख दे, रास्ता ही लिख दे ।
किसी मंज़िल से, मेरा वास्ता ही लिख दे ।।
ऐसा क्यूँ है, के बेमक़सद जिए जा रहा हूँ मैं ।
मेरी क़िस्मत में, कोई हादसा ही लिख दे .

6.आँखों में आंसुओं की लकीर बन गई;
जैसी चाहिए थी वैसी तकदीर बन गई;
हमने तो सिर्फ रेत में उंगलियाँ घुमाई थी;
गौर से देखा तो आपकी तस्वीर बन गई!