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350+जिंदगी की राहों में शायरी Status Quotes 2022

350+जिंदगी की राहों में शायरी Status Quotes 2022 वो हर बार अगर चेहरा बदल कर न आया होता, धोखा मैंने उस शख्स से यूँ न खाया होता, रहता अगर याद कर मुझे लौट के आती नहीं, ज़िन्दगी फिर मैंने तुझे यूं न गंवाया होता। पानी फेर दो इन पन्नों पर ताकि धुल जाए स्याही सारी, ज़िन्दगी फिर से लिखने का मन होता है कभी-कभी। यह ज़िन्दगी बस सिर्फ पल दो पल है, जिसमें न तो आज और न ही कल है, जी लो इस ज़िंदगी का हर पल इस तरह, जैसे बस यही ज़िन्दगी का सबसे हसीं पल है।

जिंदगी की राहों में शायरी

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एक साँस सबके हिस्से से हर पल घट जाती है, कोई जी लेता है जिंदगी, किसी की कट जाती है।

कंधे पर बैग आज भी है बस फर्क इतना है , कि पहले किताबें लेकर घूमता था और आज जिम्मेदारियां लेकर घूमता हूं।

देखा है ज़िंदगी को कुछ इतने क़रीब से, चेहरे तमाम लगने लगे हैं अजीब से।

ज़िन्दगी तुझसे हर एक साँस पे समझौता करूँ, शौक़ जीने का है मुझको मगर इतना तो नहीं, रूह को दर्द मिला… दर्द को आँखें न मिली, तुझको महसूस किया है तुझे देखा तो नहीं।

आहिस्ता चल ऐ ज़िंदगी कुछ क़र्ज़ चुकाने बाकी हैं, कुछ दर्द मिटाने बाकी हैं कुछ फ़र्ज़ निभाने बाकी हैं।

ऐ ज़िन्दगी इतने भी दर्द न दे कि मैं बिखर जाऊं, ऐ ज़िन्दगी इतने भी ग़म न दे कि ख़ुशी भूल जाऊं, ऐ ज़िन्दगी इतने भी आँसू न दे कि मैं हँसना भूल जाऊं, इतने भी इम्तिहान न ले कि मैं हार के जीना भूल जाऊं।

वो हर बार अगर चेहरा बदल कर न आया होता, धोखा मैंने उस शख्स से यूँ न खाया होता, रहता अगर याद कर मुझे लौट के आती नहीं, ज़िन्दगी फिर मैंने तुझे यूं न गंवाया होता।

ज़िन्दगी दरस्त-ए-ग़म थी और कुछ नहीं, ये मेरा ही हौंसला है की दरम्यां से गुज़र गया।

देखा है ज़िंदगी को कुछ इतने क़रीब से, चेहरे तमाम लगने लगे हैं अजीब से।

जो पढ़ा है उसे जीना ही नहीं है मुमकिन, ज़िंदगी को मैं किताबों से अलग रखता हूँ।

कभी आँखों पे कभी सर पे बिठाए रखना, ज़िंदगी नागवार सही दिल से लगाए रखना।

क्या लिखूं हकीकत-इ-दिल आरज़ू बेहोश है, खत पर आंसू बह रहे हैं कलम खामोश है.

समंदर न सही पर एक नदी तो होनी चाहिए तेरे शहर में ज़िंदगी कहीं तो होनी चाहिए।

एक साँस सबके हिस्से से हर पल घट जाती है कोई जी लेता है जिंदगी किसी की कट जाती है।

आया ही था खयाल कि आँखें छलक पड़ीं आँसू किसी की याद के कितने करीब हैं!

इक टूटी सी ज़िंदगी को समेटने की चाहत थी न खबर थी उन टुकड़ों को ही बिखेर बैठेंगे हम।

देखा है ज़िंदगी को कुछ इतने क़रीब से चेहरे तमाम लगने लगे हैं अजीब से।

सिर्फ सांसे चलते रहने को ही ज़िन्दगी नही कहते आँखों में कुछ ख़वाब और दिल में उम्मीदे होना जरूरी है!

ज्यादा ख़्वाहिशें नहीं ऐ ज़िन्दगी तुझसे, बस अगला कदम पिछले से बेहतरीन हो।

ऐ ज़िन्दगी जा ढूढ़ कोई गुम गया है मुझ से, अगर वो ना मिला तो तेरी भी जरुरत नही।

मैंने जिन्दगी से पूछा.. सबको इतना दर्द क्यों देती हो? जिन्दगी ने हंसकर जवाब दिया, मैं तो सबको ख़ुशी ही देती हूँ, पर एक की ख़ुशी दुसरे का दर्द बन जाती है।

रास्ते ज़िन्दगी के बहुत ही हसीन हैं, सभी को किसी न किसी की तालाश है, किसी के पास मंज़िल है तो राह नहीं, और किसी के पास राह है तो मंज़िल नहीं।

जब दिल किसी बोझ से थक जाता है, एहसास की लौ और भी बढ़ जाती है, मैं बढ़ता हूँ ज़िन्दगी की तरफ लेकिन, ज़ंजीर सी पाँव में खनक जाती है।

ज़िंदगी की दौड़ मे कच्चा रह गया, नही सीखा फ़रेब बच्चा रह गया।

ज़रूरी तो नहीं के शायरी वो ही करे जो इश्क में हो, ज़िन्दगी भी कुछ ज़ख्म बेमिसाल दिया करती है।

कुछ दोस्त कमाओ थोड़ा प्यार खर्च करो, ज़िन्दगी में हिसाब कुछ इस तरह से करो।

जिंदगी की राहों में शायरी 2022

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ए-ज़िन्दगी, इतनी ठोकरे देने के लिए शुक्रिया, चलने का न सही सम्भलने का हुनर तो आया।

है सबको खुद को सही साबित करने की जैसे ये ज़िंदगीए ज़िंदगी नही कोई इल्जाम है!

मुझसे नाराज़ है तो छोड़ दे तन्हा मुझको ऐ ज़िंदगीए मुझे रोज रोज तमाशा न बनाया कर।

नजरिया बदल के देख, हर तरफ नजराने मिलेंगे, ऐ ज़िन्दगी यहाँ तेरी तकलीफों के भी दीवाने मिलेंगे।

जब भी सुलझाना चाहा ज़िन्दगी के सवालों को मैंने, हर एक सवाल में ज़िन्दगी मेरी उलझती चली गई।

यूँ ही खत्म हो जायेगा जाम की तरह जिन्दगी का सफ़र, कड़वा ही सही एक बार तो नशे में होकर पिया जाये।

पानी फेर दो इन पन्नों पर ताकि धुल जाए स्याही सारी, ज़िन्दगी फिर से लिखने का मन होता है कभी-कभी।

कुछ इस तरह से गुज़ारी है ज़िन्दगी जैसे, तमाम उम्र किसी दूसरे के घर में रहा।

ज़िन्दगी लोग जिसे मरहम-ए-ग़म जानते हैं, जिस तरह हम ने गुज़ारी है वो हम जानते हैं।

जो तेरी चाह में गुजरी वही ज़िन्दगी थी बस, उसके बाद तो बस ज़िन्दगी ने गुजारा है मुझे।

छोड़ ये बात कि मिले ज़ख़्म कहाँ से मुझको, ज़िन्दगी इतना बता कितना सफर बाकी है।

जो लम्हा साथ है उसे जी भर के जी लेना, ये कम्बख्त ज़िन्दगी भरोसे के काबिल नहीं है।

मुझे ज़िन्दगी का इतना तजुर्बा तो नही पर सुना है सादगी में लोग जीने नही देते!

ले दे के अपने पास  एक नजर तो है क्यूँ देखें ज़िंदगी को किसी की नजर से हम।

मायने ज़िन्दगी के बदल गये अब तो कई अपने मेरे बदल गये अब तो करते थे बात आँधियों में साथ देने की हवा चली और सब मुकर गये अब तो।

ज़िन्दगी में ऐसे लोग भी होते है जिन्हें हम पा नही सकते सिर्फ चाह सकते है!

नफरत सी होने लगी है इस सफ़र से अब ज़िंदगी कहीं तो पहुँचा दे खत्म होने से पहले!

ज़िन्दगी कभी आसन नही होती इसे आसान करना पड़ता है कुछ नजर अंदाज करके कुछ कोबर्दास्त करके

ज़िंदगी जिसका बड़ा नाम सुना है हमने एक मजोर सी हिचकी के सिवा कुछ भी नहीं।

नदी होनी चाहिए लेकिन सागर नहीं आपके शहर में कहीं न कहीं जीवन होना चाहिए।

एक सांस हर पल सबके हिस्से से घट जाती है कोई जान लेता है तो कोई कट जाता है।

यह मेरा टूटना और टूट कर बिखर जाना कोई इत्तेफाक नहीं है किसी ने बहुत मेहनत की है मुझे इस हाल तक पहुंचाने के लिए।

मुझे लगा कि मेरी आंखें चमक उठेंगी आंसू किसी की याद के कितने करीब होते हैं!

टूटे हुए जीवन को सुधारना चाहता था ऐसी कोई खबर नहीं थी कि हम केवल उन टुकड़ों को बिखेरेंगे।

मत सोच इतना ज़िन्दगी के बारे में जिसने ज़िन्दगी दी है उसने भी कुछ तो सोचा होगा!

जिंदगी को इतने करीब से देखा है चेहरे अजीब लगने लगे हैं।

जीवन केवल अपनी सांसों को चलते रहने के बारे में नहीं है आंखों में कुछ ख्वाब और दिल में उम्मीद का होना जरूरी है।

एक उम्र गुस्ताखियों के लिये भी नसीब हो ये ज़िंदगी तो बस अदब में ही गुजर गई।

हर कोई अपने आप को सही साबित करने के लिए चिंतित है, जैसे यह जीवन जीवन नहीं है, यह एक आरोप है!

  यदि तुम मुझ पर क्रोधित हो, तो मुझे अकेला छोड़ दो ऐ जिंदगी, मुझे रोज तमाशा मत बनाओ।

बदल जाती है ज़िन्दगी की सच्चाई ऊस वक़्त जब कोई तुम्हारा तुम्हारे सामने तुम्हारा नहीं होता।

मेरे पास जीवन में इतना अनुभव नहीं है लेकिन सुना है कि लोग लोगों को सादगी से जीने नहीं देते!

जिंदगी में ये हुनर भी आजमाना चाहिए, अपनों से हो जंग तो हार जाना चाहिए।

बेगाने होते लोग देखे, अजनबी होता शहर देखा हर इंसान को यहाँ, मैंने खुद से ही बेखबर देखा। रोते हुए नयन देखे, मुस्कुराता हुआ अधर देखा गैरों के हाथों में मरहम, अपनों के हाथों में खंजर देखा। मत पूछ इस जिंदगी में, इन आँखों ने क्या मंजर देखा मैंने हर इंसान को यहाँ, बस खुद से ही बेखबर देखा।

चेहरे की हँसी से गम को भुला दो, कम बोलो पर सब कुछ बता दो, खुद ना रूठो पर सबको हँसा दो, यही राज है ज़िन्दगी का… जियो और जीना सिखा दो।

अजीब तरह से गुजर गयी मेरी जिंदगी, सोचा कुछ, किया कुछ, हुआ कुछ, मिला कुछ।

शम्मा परवाने को जलना सिखाती है, शाम सूरज को ढलना सिखाती है, क्यों कोसते हो पत्थरों को जबकि… ठोकरें ही इंसान को चलना सिखाती हैं।

जिन्दगी लत है, हर लम्हे से बेपनाह मोहब्बत है, मुश्किल और सुकून की कशमकश में, जिंदगी यूं ही जिये जाता हूँ…

ज़िंदादिली होती है जिन्दगी, इश्क मे घुली होती है जिन्दगी, तुमसे मिलने कि चाहत रखती है जिन्दगी, लेकिन तक़दीर नही मिलने देती है जिन्दगी.

इतनी ठोकरें देने के लिए शुक्रिया ऐ ज़िन्दगी, चलने का न सही सँभलने का हुनर तो आ गया।

धूप और छाँव कि पतली लकीर पर खड़ा हूँ, दोनों पार यादें हैं सपने हैं उम्मीदें हैं और है बहता हुआ वक्त भी…।

यह ज़िन्दगी बस सिर्फ पल दो पल है, जिसमें न तो आज और न ही कल है, जी लो इस ज़िंदगी का हर पल इस तरह, जैसे बस यही ज़िन्दगी का सबसे हसीं पल है।