Sadness-Status-OF-Love
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Sadness Status OF Love

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1

बेवजह हम वजह ढूंढ़ते हैं तेरे पास आने को;

ये दिल बेकरार है तुझे धड़कन में बसाने को;

बुझी नहीं प्यास इन होंठों की अभी;

न जाने कब मिलेगा सुकून तेरे इस दीवाने को।

2

ज़माना हो गया देखो मगर चाहत नहीं बदली,,,,,

किसी की ज़िद नहीं बदली,,,,मेरी आदत नहीं बदली,,,,,,

प्यास दरिया की निगाहों से छिपा रखी है

इक बादल से बड़ी आस लगा रखी है

3

तेरी बातों को छिपाना नहीं आता मुझको

तूने खुश्बू मेरे लहज़े में बसा रखी है

तेरी आँखों की कशिश कैसे तुझे समझाऊं

इन चिरागों ने मेरी नींद उड़ा रखी है

4

क्यूँ न आ जाए महकने का हुनर

लफ़्ज़ों को तेरी चिटठी जो किताबों में छुपा रक्खी है……….

तेरे क़रीब आके बड़ी उलझनों में हूँ

में दोस्तों में हूँ के तेरे दुश्मनो में हूँ

5

मुझसे गुरेज़ -पा है तो सभी रास्ते बदल में गर्द -ए – राह हूँ

तो सभी रास्तों में हूँ

तू आ चुका सतह पे कबसे ,,,

खबर नहीं बेदर्द में अभी तेरी गहराइयों में हूँ

6

बदला ना मेरे बाद भी चलन तेरे जहां का में जा चुका हूँ

फिर भी तेरी महफ़िलों में हूँ यही तय जानकर कूदो,

उसूलों की लड़ाई में| कि रातें कुछ न बोलेंगी,

चरागों की सफाई में||

7

बुरी सोचों के कारोबार में इतनी कमी तो है |

कमाई होती है, बरकत नहीं होती कमाई में ||

निभाना खून के रिश्ते कोई आसां नहीं होता|

गुजर जाती है सारी जिंदगी, खुद से लड़ाई में ||

8

रेत पर नाम कभी लिखते नहीं;

रेत पर नाम कभी टिकते नहीं;

लोग कहते है कि हम पत्थर दिल हैं;

लेकिन पत्थरों पर लिखे नाम कभी मिटते नहीं!

9

मुकम्मल कर दे मेरी हर कमी को बना दे ज़िन्दगी,

आ ज़िन्दगी को . किसी दिन जी सकें

इंसान बनकर कहाँ फुरसत है इतनी आदमी को

.
10

संवरना भूल जायेगा ज़माना कभी

देखा जो उसकी सादगी को .

किसी दिन आईने को खुद भी देखो

कभी पूरी करो खुद की कमी को

किसी दरिया में वो वुसअत नही है

मिटा दे जो हमारी तश्नगी को .

कभी वो एक मिसरा कैह के देखें समझते हैं

जो आसाँ शायरी को . अ

ब इक इक पल सदी सा लग रहा है

गुज़ारा था कभी पल में सदी को

12

जब भी उनकी गली से गुज़रता हूँ;

मेरी आंखें एक दस्तक दे देती हैं;

दुःख ये नहीं, वो दरवाजा बंद कर देते हैं;

खुशी ये है, वो मुझे अब भी पहचान लेते हैं!

13

सब कुछ है मेरे पास पर दिल की दवा नहीं;

दूर वो मुझसे हैं पर मैं खफा नहीं; मालूम है

अब भी वो प्यार करते हैं मुझसे;

वो थोड़ा सा जिद्दी है, मगर बेवफा नहीं!

14

मेरी मोहब्बत है वो कोई मज़बूरी तो नही;

वो मुझे चाहे या मिल जाये, जरूरी तो नही;

ये कुछ कम है कि बसा है मेरी साँसों में वो;

सामने हो मेरी आँखों के जरूरी तो नही!

15

“तेरे इश्क़ ने दिया सुकून इतना;

कि तेरे बाद कोई अच्छा न लगे;

तुझे करनी है बेवफाई तो इस अदा से कर;

कि तेरे बाद कोई बेवफ़ा न लगे।

16

हमसे पूछो क्या होता है पल-पल बिताना,

बहुत मुश्किल होता है दिल को समझाना,

यार जिंदगी तो बीत जाएंगी बस मुश्किल होता है,

कुछ लोगों को भूल पाना !!

17

ज़िंदा रहे तो क्या है, जो मर जायें हम तो क्या;

दुनिया से ख़ामोशी से गुज़र जायें हम तो क्या;

हस्ती ही अपनी क्या है ज़माने के सामने;

एक ख्वाब हैं जहान में बिखर जायें हम तो क्या।

18

दर्द से दोस्ती हो गई यारों,

जिंदगी बे दर्द हो गई यारों,

क्या हुआ जो जल गया आशियाना हमारा,

दूर तक रोशनी तो हो गई यारो।[/su_box]

19

जिंदगी सुंदर है पर मुझे. जीना नहीं आता,

हर चीज में नशा है पर मुझे. पीना नहीं आता,

सब मेरे बिना जी सकते हैं,

र्सिफ मुझे दोस्तों के बिना.... जीना नहीं आता....!

20

तेरे आशिक को तेरी याद बहुत आती है

दूर रहके ही तू उसपे सितम ढाती है जागता है

वो सारी रात बहुत रोते हुए

सारी दुनिया बस्ती में जब सो जाती है

कोई पैगाम न पाएगी तू कभी

उसकी इश्क में आशिक की जुबां मर जाती है

न कोई काट सके अपने हिज्र की रातें

तू कहीं पे इस शायर की गजल गाती है

21

रात गहरी हुई बस्ती बड़ा सुनसान हुआ

ऐसे माहौल से ही दिल मेरा गुलफाम हुआ

इन अंधेरों में गजल मैं किसपे लिखता बड़ी मुश्किल से

शमा का इंतजाम हुआ तुम तसव्वुर से निकलकर

रूबरू आओ अब हकीकत ही जिंदगी का इम्तहान हुआ

क्या सुनाऊं मैं तुम्हें ये जरा खुलके

बोलो तेरी खामोशी से अब मैं तो परेशान हुआ

22

दर्द के फूलों को तेरे कदमों पे निसार चुका मैं

तेरी इबादत की खातिर गुलशन उजाड़ चुका मैं

अचानक तुम आ गई मेरी खुशियों की राह में

उदासी को फिर अपनी सूरत पे संवार चुका मैं

तेरी मोहब्बत का आखिरी कतरा जब सूख गया

अपनी आंखों में एक समंदर को उतार चुका मैं

आशिकी में न जाने कहां से ये फितरत आ गई

जहां में हर शख्स से रिश्ते को बिगाड़ चुका मैं

23

सफर में मुश्किलें आऐ, तो हिम्मत और बढ़ती है,

कोई अगर रास्ता रोके, तो जुर्रत और बढ़ती है,

अगर बिकने पे आ जाओ, तो घट जाते है

दाम अक्सर ना बिकने का इरादा हो तो, कीमत और बढ़ती है।

24

हवा चुरा ले गयी थी मेरी ग़ज़लों की किताब..देखो, आसमां पढ़ के रो रहा है

और नासमझ ज़माना खुश है कि बारिश हो रही है

25

इतनी बिखर जाती है तुम्हारे नाम की खुशबु मेरे लफ़्जों मे..!!

की लोग पुछने लगते है इतनी महकती क्युँ है शायरी तुम्हारी……

26

गम ने हसने न दिया, ज़माने ने रोने न दिया!

इस उलझन ने चैन से जीने न दिया!

थक के जब सितारों से पनाह ली!

नींद आई तो तेरी याद ने सोने न दिया!

27

आज का हर एक पल खूबसूरत हे,

मेरे दिल में सिर्फ तुम्हारी सूरत हे,

कुछ भी कहे दुनियावाले कोई गम नहीं हे,

दुनिया से ज्यादा आज तेरी दोस्ती कि ज़रूरत हे.

28

आँखे आज रोना चाहती है,

यादो मे खोना चाहती है,

कुछ लोग इतने हसीन पल दे जाते है

जिंदगी मे की पलके भी झुकने से पहले जीना चाहती है.

29

दिल से दिल कभी जुदा नही होते,

यू ही हम किसी पे फिदा नही होते,

मोहब्बत से बढ़कर तो दोस्ती का रिश्ता हे,

क्यू की दोस्त कभी बेवफा नही होते.

30

मिल जाएँगे हमारी भी तारीफ… करने वाले,

कोई हमारी मौत की अफ़वाह.. तो फैलाओ यारों..

31

इतना ऐतबार तो अपनी धड़कनो पर भी हमने ना किया,

जितना आपकी बातों पर करते हैं;

इतना इंतेज़ार तो अपनी साँसों का भी ना किया,

जितना आपके मिलने का करते हैं!

32

प्यासी ये निगाहें तरसती रहती हैं;

तेरी याद में अक्सर बरसती रहती हैं;

हम तेरे ख्यालों में डूबे रहते हैं;

और ये ज़ालिम दुनिया हम पे हँसती रहती है।

33

* ऐसा नहीं है कि मुझमें कोई ऐब नहीं है

पर सच कहता हूँ मुझमे कोई फरेब नहीं है

जल जाते हैं मेरे अंदाज़ से मेरे दुश्मन क्यूंकि..

एक मुद्दत से मैंने न मोहब्बत बदली और न दोस्त बदले !!

34

अब रातो को नींद आती नही तुम्हारे बगैर मुझे

आँखे बन्द करने की कोई वजह दे दो।

मैं गुमशुदा हूँ, रूह जाने कँहा भटकती है

मुझे अपने जिस्म में थोड़ी सी जगह दे दो॥

35

ऐ दोस्त जिदगी भर मुझसे दोस्ती निभाना,

दिल की कोई भी बात हमसे कभी ना छुपाना,

साथ चलना मेरे दुख सुख मे,

भटक जाऊ मै कभी तो सही रास्ता दिखलाना।

36

ना थी अपने हाल की खबर तो देखते रहें लोगों के ऐब-व-हूनर,

फिर जब पडी अपने ही गुनाहों पर नजर तो निगाह में कोई और बूरा ना रहा…!!

37

अकसर भूल जाता हूं मैं तुम्हें शाम की चाय में चीनी की तरह..!!

फिर जिंदगी का फीकापन तुम्हारी कमी का एहसास दिला देता है….!!!!

38

मैंने कब कहा मुझे गुलाब दे. या फिर मुहब्बत से नवाज दे.

आज बहुत उदास है दिल मेरा गैर बनके ही सही तू मुझे आवाज़ दे.

39

उनकी यादों को हमने सूफ़ियाना रखा,

अपने दिल में उनका आशियाना रखा,

जितनी बार हमने उनसे मिलने की कोशिश की,

उसने हर बार एक नया बहाना रखा

.

40

हिम्मत इतनी तो नहीं मुझमे के तुझे दुनिया से छीन लूँ …

लेकिन मेरे दिल से कोई तुझे निकाले,

इतना हक तो मैंने खुद को भी नहीं दिया..

41

हिम्मत इतनी तो नहीं मुझमे के तुझे दुनिया से छीन लूँ …

लेकिन मेरे दिल से कोई तुझे निकाले,

इतना हक तो मैंने खुद को भी नहीं दिया..

42

सभी नगमे साज़ मैं गाये नहीं जाते …

सभी लोग महफ़िल मैं बुलाये नहीं जाते …

कुछ पास रह कर भी याद नहीं आते …

कुछ दूर रह कर भी भुलाये नहीं जाते …

43

आज तेरी याद हम सीने से लगा कर रोये ..

तन्हाई मैं तुझे हम पास बुला कर रोये

कई बार पुकारा इस दिल मैं तुम्हें

और हर बार तुम्हें ना पाकर हम रोये

44

सारी उम्र आंखो मे एक सपना याद रहा;

सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा;

ना जाने क्या बात थी उनमे और हममे;

सारी महफ़िल भुल गये बस वह चेहरा याद रहा!

45

मैं लिखता नहीं वो लिखवा देती है…!

अपनी यादों की स्याही से…..

मेरे एहसासों की कलम चलवा देती है…।।

46

दिल की बात साफ़ साफ़ कह देनी चाहिए

क्योंकि बता देने से ‘फैसले’ होते हैं ना बताने से ‘फ़ासले’..!!

47

हर मुलाक़ात पर वक़्त का तकाज़ा हुआ ,

हर याद पर दिल का दर्द ताजा हुआ ,

सुनी थी सिर्फ ग़ज़लों में जुदाई की बातें ,

जब खुद पर बीती तो हक़ीक़त का अंदाज़ा हुआ

48

प्यार और #‎मौत से भला डरता कौन है!!

प्यार तो हो जाता है इसे करता कौन है ,

हम तो करदें प्यार में जान भी कुर्बान

पर पता तो चले हमसे प्यार करता कौन है !!!

49

बंद मुट्ठी से उड़ जाती है जो किस्मत की परी,,,

“इस हथेली में कोई छेद पुराना होगा..!”

50

तमाम उमर जिंदगी से दूर रहे तेरी खुशी के लिए तुझसे दूर रहे

अब इससे बढ़कर वफ़ा – ए -सजा क्या होगी की तेरे हो कर भी तुझसे दूर रहे

51

रंगीन मौसम आवारा बादल रिमझिम बारिश की फुहार…iii

सुनो तुम चले आओ तो समाँ मुकम्मल हो जाए…..iii

52

प्यार में बेवफाई मिले तो गम ना करना,

अपनी आँखे किसी और के लिए नम ना करना,

वो चाहे लाख नफरत करें तुमसे,

पर तुम अपना प्यार कभी उसके लिऐ कम ना करना ..

53

जो इंसान आपको प्यार करने के साथ-साथ आपकी चिंता भी करता हो ……

आप अपना प्यार कभी उसके लिऐ कम ना करना…

54

यादों की किम्मत वो क्या जाने;

जो ख़ुद यादों को मिटा दिए करते हैं,

यादों का मतलब तो उनसे पूछो जो,

यादों के सहारे जिया करते हैं![/su_box]

55

जब कोई ख्याल दिल से टकराता है ॥

दिल ना चाह कर भी, खामोश रह जाता है ॥

कोई सब कुछ कहकर, प्यार जताता है॥

कोई कुछ ना कहकर भी, सब बोल जाता है ॥

56

कोई कहता है प्यार नशा बन जाता है

कोई कहता है प्यार सज़ा बन जाता है

पर प्यार करो अगर सच्चे दिल से तो

वो प्यार ही जीने की वजह बन जाता है

57

जिनकी आंखें आंसू से नम नहीं क्या समझते हो

उसे कोई गम नहीं तुम तड़प कर रो दिये

तो क्या हुआ गम छुपा के हंसने वाले भी कम नहीं

58

मेरे इश्क में दर्द नहीं था पर दिल मेरा बे दर्द नहीं था

होती थी मेरी आँखों से नीर की बरसात पर

उनके लिए आंसू और पानी में फर्क नहीं था

59

काश कोई हम पर प्यार जताता हमारी

आंखों को अपने होंठों से छुपाता हम

जब पूछते कौन हो तुम मुस्कुरा कर

वो अपने आप को हमारी जान बताता।

60

ना पूछ मेरे सब्र की इंतेहा कहाँ तक हैं,

तू सितम कर ले, तेरी हसरत जहाँ तक हैं,

वफ़ा की उम्मीद, जिन्हें होगी उन्हें होगी,

हमें तो देखना है, तू बेवफ़ा कहाँ तक हैं

61

प्यार कमजोर दिल से किया नहीं जा सकता ,

ज़हर दुश्मन से लिया नहीं जा सकता,

दिल में बसी है उल्फत जिस प्यार की

उस के बिना जिया नहीं जा सकता.

62

कोई अच्छी सी सज़ा दो मुझको,

चलो ऐसा करो भूला दो मुझको,

तुमसे बिछडु तो मौत आ जाये

दिल की गहराई से ऐसी दुआ दो मुझको .

63

अब ये भी नहीं ठीक कि हर दर्द मिटा दें

कुछ दर्द तो कलेजे से लगाने के लिए हैं

यह इल्म का सौदा, ये रिसाले,

ये किताबें इक शख्स की यादों को भुलाने के लिए है

64

धोखा न देना, तुझ पे ऐतबार बहुत है !

ये दिल तेरी चाहत का तलबगार बहुत है तेरी सूरत न देखें ,

तो दिखाई कुछ नहीं देता हम क्या करें के तुझ से हमें प्यार बहुत है[/su_box]

65

समेंटा है उन्हें चंद पन्नों की किताब में

अब दुआ नहीं मांगता बस पूंछता हुं

खुदा से अभी कितनी सांसे और हैं हिसाब में..

66

नज़रों को आंसुओ की कमी नहीं होती !

फूलों को बहारों की कमी नहीं होती…!!

आप क्यूँ इस न चीज को याद करोगे !

आप तो आसमा हो और आसमा को सितारों की कमी नहीं होती !!

67

आपकी धड़कन से हैं रिश्ता हमारा !

आपकी साँसों से हैं नाता हमारा !!

भूल कर भी कभी भूल न जान !

आपकी यादों के सहारे हैं जीना हमारा !!

68

अब भी ताज़ा हैं जख्म सिने में !

बिन तेरे क्या रखा हैं जीने में…!!

हम तो जिन्दा हैं तेरा साथ पाने को !

वर्ना देर नहीं लगती हैं जहर मिने में !!

69

समझ न सके उन्हें हम !

क्योकि हम प्यार के नशे में चूर थे !!

अब समझ में आया जिसपे हम जान लुटाते थे !

वो दिल तोरने के लिए मशहूर थे !!

70

दीवाने हैं तेरे नाम के इस बात से इंकार नहीं;

कैसे कहें कि हमें तुम से प्याइर नहीं;

कुछ तो कसूर है आपकी आँखों का;

हम अकेले तो गुनहगार नहीं।

71

उदासी भी मुस्कान बन जायेगी !

रूकती हुई सांसे भी जान बन जायेगी !!

भेज दीजिये हवाओं में अपनी खुशबू !

वो ही हमारी ख़ुशी का फरमान बन जाएगी !!

72

सुबह-सुबह आपको सताना अच्छा लगता है;

प्यारी नींद से जगाना हमें अच्छा लगता है;

जब याद किसी की आती हैं हमें;

तो उसे अपनी याद दिलाना भी अच्छा लगता है।

73

रुत आये जो बारिश की कितना प्यारा लगता है,

ये मौसम भीगा-भीगा सा कितना न्यारा लगता है,

संग तेरे सजना मुझको भीगना अच्छा लगता है,

हो गर्मी का या पतझड़ का सब बारिश का सा लगता है,

जब पास मेरे तुम होते हो हर मौसम अच्छा लगता है,

तुझ संग खेलू बूंदों से मैं हल्की-हल्की सी बारिश में,

लेकर हाथों में हाथ झूमना कितना सुहाना लगता है,

भीगना रिम-झिम बारिश में कितना प्यारा लगता है,

ये मौसम भीगा-भीगा सा सबसे न्यारा लगता है,

रुत आये जो बारिश की मुझे सबसे प्यारा लगता है