Sad-Dosti-Shayari

Top 2021 Sad Dosti Shayari सैड दोस्ती शायरी Hindi Lines

Sad Dosti Shayari

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दुआ मांगी थी आशियाने की ,
चल पड़ीं आंधियां ज़माने की ,
मेरा गम न कोई समझ पाया ,
क्यौकि आदत थी मुस्कराने की ।

सबसे बेस्ट दोस्ती शायरी

जिसे निभा न सकूँ, ऐसा वादा नही करता
मैं बातें अपनी औकात से, ज्यादा नहीं करता..!
भले ही तमन्ना रखता हूं, आसमान छू लेने की
लेकिन, औरों को गिराने का, इरादा नहीं करता..

“यूँ तो सब कुछ सलामत है तेरी दुनियाँ में,
बस रिश्ते ही हैं, जो कुछ टूटे-टूटे से नज़र
आते है..!” …

जाने उस शख्स को कैसे ये हुनर आता है .
रात होती है तो आँखों में उतर आता है …!
मैं उस के खयालो से बच के कहाँ जाऊं .
वो मेरी सोच के हर रस्ते पे नजर आता है..!!!

Sad Dosti Shayari

तेरी किताब के हर्फ़े, समझ नहीं आते।
ऐ ज़िन्दगी तेरे फ़लसफ़े, समझ नहीं आते।।
कितने पन्नें हैं, किसको संभाल कर रखूँ।
और कौन से फाड़ दूँ सफ़हे, समझ नहीं आते।।

चौंकाया है ज़िन्दगी, यूँ हर मोड़ पर तुमने।
बाक़ी कितने हैं शगूफे, समझ नहीं आते।।
हम तो ग़म में भी, ठहाके लगाया करते थे।
अब आलम ये है, कि.. लतीफे समझ नहीं आते।।

सबसे बेस्ट दोस्ती शायरी 2 Line

तेरा शुकराना, जो हर नेमत से नवाज़ा मुझको।
पर जाने क्यों अब तेरे तोहफ़े, समझ नहीं आते

__हैं जिनके पास अपने ,
वो अपनों से झगड़ते हैं …
नहीं जिनका कोई अपना ,
वो अपनों को तरसते हैं …।

किसी के दिल में बसना कुछ बुरा तो नहीं !
किसी को दिल में बसाना कोई खता तो नहीं !
गुनाह हो यह ज़माने की नज़र में तो क्या !
ज़माने वाले कोई खुदा तो नहीं !

सैड दोस्ती शायरी

वो कहती हैं तुम छोड क्यों नही जाते इतनी तकलीफ देती हुं तो…
मैंने कहा साँस लेने में उलझन आए तो क्या जीना हीं छोड दूँ…..

इतने ‎बेवफा नही जो तुम्हे भूल जायेंगे…
अक्सर ‎चुप रहने वाले प्यार बहोत करते है..

Sad Dosti Shayari Hindi

सियासत से अलग कोई कहानी हो नहीं सकती,
फ़रेबों से ज़ुदा अब ज़िन्दगानी हो नहीं सकती

कहाँ जाकर तलाशें हम सुकूँ अपने लिए, यारो,
यहाँ पर कोई भी रुत अब सुहानी हो नहीं सकती।

हमारी सोच पर क़ब्ज़ा किया है बागवानों ने,
ग़ुलामी की इत्ती अच्छी निशानी हो नहीं सकती।

जिन्हें उम्मीद है अपने वतन से हर सहारे की ,
तसल्ली से बड़ी अब बदज़ुबानी हो नहीं सकती।

कभी आई मेरे दिल में मग़र वापस नहीं निकली,
कभी वो चाहतें अपनी पुरानी हो नहीं सकती।

ग़रीबों के दिलों का दर्द लिखता चाहता हूँ पर,
किराये की क़लम से वो बयानी हो नहीं सकती।

हमारी बेटियां जाकर कहीं फिर लौट आएँ घर,
ज़माने की कभी ऐसी रवानी हो नहीं सकती।

यहाँ इंसान हो ख़ुश और औरों को भी दे खुशियाँ,
मगर दुनिया इधर इतनी सायानी हो नहीं सकती।

तेरी ख़ुशबू तेरी सूरत से कब परहेज ‘मुफ़लिस’ को
मग़र अब हाय पहले सी जवानी हो नहीं सकती।

Sad Dosti Shayari

जो बिना मतलब के भी
*बस तुजसे ही प्यार करता है….!!___»
तुम नीचे गिर के देखो…
कोई नहीं आएगा उठाने…!!!