risto-ki-dard-bhari-shayari

Best रिश्तों की दर्द भरी शायरी Status Quotes

Best रिश्तों की दर्द भरी शायरी Status Quotes हाथ रचे हैं मेहंदी से, दरवाजे पर शहनाई है। मेरी जिंदगी के मालिक ले जा मुझे, दिल की दुनिया लूटने को आज आई है। एक तकलीफ उमड़ती है मेरे सीने में। और दर्द आता है क्यूँ आँसू बनकर? आज सँवरी हूँ आईने में बस तेरे लिए, आज फिर बिखर जाएगा कजरा बहकर।

रिश्तों की दर्द भरी शायरी

risto-ki-dard-bhari-shayari-1

 दिल गुमसुम जुबान खामोश क्यों है?
ये आँखें यूं नम क्यों है?
जब कभी तुझे पाया ही ना था,
तो आज तुझे खोने का गम क्यू है?

 वो मिले हमको कहानी बनकर।
दिल मे रहे प्यार की निशानी बनकर।
हम जिन्हें जगह देते है आँखो के अंदर,
वो अक्सर निकल जाते है पानी बनकर।

 आज एक बात सीखी,
जैसे हर पेड़ में फूल नहीं खिलता है।
वैसे ही हर किसी को सच्चा प्यार नहीं मिलता है।

 सुलगती रेत में,
पानी की अब तलाश नहीं।
मगर ये कब कहा हमने की,
हमें प्यास नहीं।

 मौत से कहना कि अब हमारी जिंदगी,
कि इतनी सिफारिश ना किया करें।
वो लोग ही छोड़ गए,
जिनके लिए हम जिया करते थे।

कटा है मेरा सफर बस,
इसी सहारे पर।
कि वो खड़ा है,
वहां दूसरे किनारे पर।

किस मुकाम पे ले आई ये मोहब्बत हमें।
उसे पाया भी नहीं जाता।
और भूलाया भी नहीं जाता।

फिर नहीं बसते वो दिल में,
जो एक बार टूट जाएं।
कब्रे कितना भी संवारों,
कोई जिन्दा नहीं होता।

जहर भी अपना हिसाब जरा अलग रखता है।
मरने के लिए जरा सा,
और जीने के लिए बहुत सारा पीना पड़ता है।

ना पूछो मेरे सब्र की इंतहा कहां तक है?
तुम कर लो सितम तुम्हारी हसरत जहां तक है।

 उनकी मोहब्बत का अभी निशान बाकी है,
नाम लब पर हैं मगर जान अभी बाकी है,
क्या हुआ अगर देखकर मुंह फेर लेते हैं, वो
तसल्ली है, कि अभी तक शक्ल कि पहचान बाकी है।

 हाथ रचे हैं मेहंदी से,
दरवाजे पर शहनाई है।
मेरी जिंदगी के मालिक ले जा मुझे,
दिल की दुनिया लूटने को आज आई है।

 पास आकर सभी दूर चले जाते हैं,
हम अकेले थे, अकेले ही रह जाते हैं।
दिल का दर्द किससे दिखाएं,
मरहम लगाने वाले ही जख्म दे जाते हैं।

 इंतजार करते-करते,
एक और शाम बीत जाएगी।
तुम आज भी नहीं आओगे,
और तन्हाई जीत जाएगी।

रिश्तों की दर्द भरी शायरी 2022

risto-ki-dard-bhari-shayari-2

 उसकी हसरत को मेरे दिल में लिखने वाले,
काश उसको मेरी किस्मत में भी लिखा होता।

 बुरा तो तब लगता है,
जब हम किसी इंसान से बात करना चाहते हो,
और वो हमें इग्नोर करता हो।

 मेरी बढ़ती हिचकियाँ बता रही है,
उसे भी आज किसी ने ठुकराया है।

वो पत्थर कहां मिलता है?
बताना जरा-ए-दोस्त।
जिसे लोग दिल पर रखकर,
एक-दूसरे को भूल जाते हैं।

कोई तो होगी टूटी हुई मेरी तरह ही,
जो जुड़ने की ख्वाहिश लिए,
जी रही होंगी अकेली कही।

 एक कर्फ्यू सा मेरे दिल में भी लगा है,
तेरी यादों का।
जहां किसी का आना जाना बंद है।

कौन कहता है कि
वक्त बहुत तेज है।
कभी किसी का,
इंतजार तो करके देखो।

आंख रखते हो, तो उस आंख की तहरीर पढ़ो।
मुंह से इकरार ना करना तो है आदत उसकी।

 इंतजार की आरजू अब खो गई है।
खामोशियों की आदत हो गई है।
ना शिकवा रहा, ना शिकायत किसी से।
अगर है, तो एक मोहब्बत,
जो इन तन्हाइयों सी हो गई है,

 साँसे रुक सी जाती है लेकिन जान नहीं जाती।
दर्द बहोत होता है पर आवाज नहीं आती।
गजब के लोग बसते हैं इस दुनिया में।
कोई किसी को भुला नहीं पाता,
और किसी को याद नहीं आती।

एक तकलीफ उमड़ती है मेरे सीने में।
और दर्द आता है क्यूँ आँसू बनकर?
आज सँवरी हूँ आईने में बस तेरे लिए,
आज फिर बिखर जाएगा कजरा बहकर।

 किताब-ए-इश्क में जितने अल्फाज लिखे हैं।
दिल में मेरे उतने एहसास रखे हैं।
तुम कह कर देखते सितमगर जालिम,
मेरे लबों पर कितने तेरे नाम रखे हैं।

 दास्तान-ए-इश्क में मैं सबको सुनती चली गयी।
वो ढाते रहे सितम मैं मुस्कुराती चली गयी।
ना थी मुझे परवाह कोई, ना था किसी का डर,
गमों के सैलाबों से मैं यूँ ही टकराती चली गयी।

 सारा गुनाह इश्क का उस पे ही डाल दो।
मुजरिम उसे बनाकर मुसीबत को टाल दो।
ये चमन जहाँ खिला एक फूल मुस्कुराता,
उसे तोड़कर रकीबों की तरफ उछाल दो।

 जिंदगी चैन से गुजर जाए,
अगर वो जेहन से उतर जाए।

 बोझ हल्का करेंगे सीने का।
किसी दिन खुद पे ही,
“रो” के देखेंगे।

 मुझे इश्क के लिए तेरी जरुरत नहीं।
कुछ यादें और कुछ तस्वीरे छुपा रखी है दिल में

कहता था तू ना मिला मुझे,
तो मैं मर जाऊंगा।
वो आज भी जिंदा है यही बात,
किसी और से कहने के लिए।

आज फिर याद आये,
तुम उन बीते लम्हों में।
आखिर वो लम्हे ही तो हैं,
जिन्हें हम अपना बना पाए।

खामोशियां बोल देती है, जिनकी बाते नहीं होती,
इश्क वो भी करते हैं, जिनकी मुलाकाते नहीं होती।  

क्या बेमिसाल प्यार था?
मेरे यार का।
वादे किए मुझसे।
निभाए किसी और के साथ।

 कभी मौका मिला तो,
हम किस्मत से शिकायत जरुर करेंगे।
क्यों छोड़ जाते हैं, वो लोग,
जिन्हें हम टूट कर चाहते हैं।

Best रिश्तों की दर्द भरी शायरी

risto-ki-dard-bhari-shayari-3

मुझे छोड़कर वो खुश है,
तो शिकायत कैसी?
अब मैं उन्हें खुश भी ना देखूं,
तो मोहब्बत कैसी?

चाहे कितना भी बिजी रह लो।
लेकिन जब उस इंसान की याद आती है, ना
तो आखों में आसूं आ ही जाते हैं।

हर वक्त मिलती रहती है,
मुझे अनजानी सी सजा।
मैं कैसे पुछु तकदीर से कि,
मेरा कसूर क्या है?

 पल-पल तरसे हम जिस पल के लिए।
वो पल भी आया जिंदगी में,
बस एक पल के लिए।

 कितना बेबस हो जाता है “इंसान”
जब किसी को खो भी नहीं सकते,
और उसके हो भी नहीं सकते।

 खेलने दो उन्हें जब तक जी ना भर जाये।
मोहब्बत चार दिन की थी, तो
शौक कितने दिन का होगा।

बड़े ही अजीब हैं, ये जिंदगी के रास्ते।
अनजाने मोड़ पर कुछ लोग अपने बन जाते है।
मिलने की खुशी दे या ना दे,
मगर बिछड़ने का गम जरुर दे जाते हैं।

आती है जब याद तेरी तो,
तेरी यादों में हम खो जाते हैं।
आजकल तुझे सोचते-सोचते ही,
हम सो जाते हैं।

तू बदनाम ना हो इसीलिए जी रहा हूँ मैं,
वरना मरने का इरादा तो रोज होता है।

रख लो दिल में संभाल कर थोड़ी सी यादें हमारी,
रह जाओगे जब तन्हा तब बहुत काम आएंगे हम।

 ना प्यार कम हुआ,
ना प्यार का एहसास।
पर अब उसके बिना,
जिंदगी गुजारने की कोशिश कर रहे हैं।

 तुझको पाने की तमन्ना तो,
मिटा दी मैंने।
लेकिन इस दिल से,
तेरे दीदार की हसरत ना गई।

भले ही किसी गैर की जागीर थी वो।
पर मेरे ख्वाबों की भी तस्वीर थी वो।
मुझे मिलती तो कैसे मिलती?
किसी और के हिस्से की तकदीर थी वो

मेरी मुस्कराहट को हकीकत,
ना समझ ऐ दोस्त।
दिल में झांक कर देख,
कितने उदास हैं हम।

मैं क्यों कुछ सोच कर दिल छोटा करू।
वो उतनी ही कर सकी वफा,
जितनी उसकी औकात थी।

कर दिया आजाद उनको,
जो दिल में हमारे रहकर,
ख्वाब किसी और के देखते थे।

 सोचा ना था वो शख्स भी,
इतनी जल्दी साथ छोड़ जायेगा।
जो मुझे उदास देखकर कहता था,
“मैं हूँ ना”।