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प्यार का इजहार करने वाली शायरी | Pyar Ka Izhaar Karne Wali Shayari

प्यार का इजहार करने वाली शायरी | Pyar Ka Izhaar Karne Wali Shayari | एक पल में उनसे महोब्बत हुई इज़हार कर देना वरना, एक ख़ामोशी उम्रभर का इंतजार बन जाती है

प्यार का इजहार करने वाली शायरी

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1

कैसे बयान करें आलम दिल की बेबसी का;
वो क्या समझे दर्द आंखों की इस नमी का;
उनके चाहने वाले इतने हो गए हैं अब कि;
उन्हे अब एहसास ही नहीं हमारी कमी का।

2

तुझे रहम नहीं आता,,
युँ मुझपे सितम कर-कर के,,,,,
तेरा ग़िला खुदा से कैसे करुँ,
तुझे उसी से तो माँगा था…!!!

3

“तेरे चेहरे को कभी भुला नहीं सकता,
तेरी यादों को भी दबा नहीं सकता,
आखिर में मेरी जान चली जायेगी,
मगर दिल में किसी और को बसा नहीं सकता’…

4

वो अक्सर मुझसे कहा करती थी
कि तुझे अपना बनाकर ही छोङूगीँ
उसने ऐसा ही किया…
अपना बनाकर छोङ दिया

5

बहुत रोयी होगी वो खाली कागज देख कर ..
खत में उसने पुछा था ..
ज़िंदगी कैसी बीत रही है ..!!!

6

हुआ जब इश्क़ का एहसास उन्हें;
आकर वो पास हमारे सारा दिन रोते रहे;
हम भी निकले खुदगर्ज़ इतने यारो कि;
ओढ़ कर कफ़न, आँखें बंद करके सोते रहे।

7

बताओ फ़िर’ उसे क्यूँ नहीँ मेहसूस होती बेचैनियां मेरी,
जो अक्सर कहती है , “बहुत अच्छे से जानती हूँ मैँ तुम्हेँ”