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नाराजगी दूर करने वाली शायरी | Narazgi Door Karne Wali Shayari

नाराजगी दूर करने वाली शायरी, नींद और निंदा पर जो व्यक्ति विजय पा लेते है, उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता नाराजगी !!  Narazgi Door Karne Wali Shayari | क्या पता क्यो नाराज है और क्या कमी है हम में, वो हमे अपना नही सकते और हम उन्हे भुला नही सकते !!

नाराजगी दूर करने वाली शायरी

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1.नाराजगी अजीब होती हैं मोहब्बत की राहो मे भी …
रास्ता कोई बदलता है ..,
मंज़िल किसी और की खो जाती है …….

2.एक शब्द है (ईश्वर) इसे पुकार कर तो
देखो सब कुछ पा ना लो तो कहना
एक शब्द है (मुकद्दर) इससे लड़कर देखो
तुम हार ना जाओ तो कहना,
एक शब्द है (जुदाई) इसे सह कर तो देखो
तुम टूट कर बिखर ना जाओ तो कहना,

3.मिलना इतिफाक था बिछड़ना नाराजगी
नसीब था वो उतना ही दूर  हो गया
जितना करीब था हम उसको देखने क लिए तरसते ही  रहे
जिस शख्स  की हथेली पे हमारा नसीब था !!!

4.रिश्तों से बड़ी चाहत क्या होगी,
दोस्ती से बड़ी इबादत क्या होगी,
जिसे दोस्त मिल सके कोई आप जैसा,
उसे ज़िंदगी से कोई और शिकायत क्या होगी।

5.दिल चाहता है कि फ़िर,अजनबी बन कर देखें,
तुम तमन्ना बन जाओ,हम उम्मीद बन कर देखें

6.तेरा नाम था आज किसी अजनबी की जुबान पे…
बात तो जरा सी थी पर दिल ने बुरा मान लिया..

7.क्यों किसी से इतना प्यार हो जाता है!
एक पल का इंतज़ार भी दुश्वार हो जाता है!
लगने लगते है अपने भी पराये!
और एक अजनबी पर ऐतबार हो जाता है!

8.बहुत खूबसूरत होते हैं वो पल….?
जिसमे दोस्त साथ होते है
लेकिन उससे भी खूबसूरत है
वो लम्हें जब दूर रहकर भी वो हमें याद करते है ।

9.किसी से करो प्यार इतना,
कि किसी ओर से मिलने की गुंजाइश ना रहे
वो मुस्कुरा देँ आपको देख कर एक बार
तो जिंदगी से फिर कोई ख्वाहिश न रहे