Best 1500+ Mohabbat Shayari | मोहब्बत शायरी Images

Mohabbat Shayari Express your feeling with Hindi’s Mohabbat Shayari largest collections मोहब्बत शायरी 2 line, Mohabbat Lines Share & Whatsapp Thankyou

mohabbat shayari

एक बार ही जी भर के सज़ा क्यूँ नहीं देते ?

मैं हर्फ़-ए-ग़लत हूँ तो मिटा क्यूँ नहीं देते ?

मोती हूँ तो दामन में पिरो लो मुझे अपने,

आँसू हूँ तो पलकों से गिरा क्यूँ नहीं देते ?

साया हूँ तो साथ ना रखने कि वज़ह क्या ‘फ़राज़’,

पत्थर हूँ तो रास्ते से हटा क्यूँ नहीं देते ?

Mohabbat Shayari

“ना दिल की चली ना आँखों की, हम तो दीवाने बस तेरी मुस्कान के हो गए !!”

Mohabbat Shayari

“मालूम था मालूम है की कुछ भी नहीं हासिल होगा,

लेकिन वो इश्क ही क्या जिसमें ख़ुद को तड़पाया ना जाये !!”

Mohabbat Shayari

तुम्हारी “याद” का “दरिया” और “तन्हा” दिल की “कश्ती”…!!

दूर “फ़लक़” तक “यादें”, न कोई “ज़मीन” न कोई “बस्ती”…!!

Mohabbat Shayari

नया दर्द एक और दिल में जगा कर चला गया​;​ ​​

कल फिर वो मेरे शहर में आकर चला गया​;​ ​​

जिसे ढूंढ़ता रहा मैं लोगों ​की भीड़ में;​ ​​

मुझसे वो अप​ने आप ​को छुपा कर चला गया।

Mohabbat Shayari

कितना दर्द है दिल में दिखाया नहीं जाता;

गंभीर है किस्सा सुनाया नहीं जाता;

एक बार जी भर के देख लो इस चहेरे को;

क्योंकि बार-बार कफ़न उठाया नहीं जाता।

Mohabbat Shayari

आज आपके प्यार में कमी देखी;

चाँद की चांदनी में कुछ नमी देखी;

उदास होकर लौट आए हम;

जब महफ़िल आपकी गैरों से सजी देखी।

Mohabbat Shayari

कोई समझता नहीं उसे इसका गम नहीं करता;

पर तेरे नजरंदाज करने पर हल्का सा मुस्कुरा देता है;

उसकी हंसी में छुपे दर्द को महसूस तो कर;

वो तो हंस के यूँ ही खुद को सजा देता है।

Mohabbat Shayari

इक बार ही जीने कि सजा क्युँ नही देते,

गर हर पे खता हो तो मिटा क्युँ नही देते।।

अब शिद्दते गम से मेरा दम घुटने लगा है,

तुम रेशमी जुल्फो कि हवा क्युँ नही देते।।

तुम इतने गरमोँ निशाँ गम खार हो मेरे तो,

यारो मुझे मरने कि दुआ क्युँ नही देते।।

साया हुँ तो फिर साथ रखने का सबब क्या,

पत्थर हुँ तो रस्ते से हटा क्युँ नही देते।।

रहजन हो तो फिर शौक से लुटो वफाएँ दिल,

रहबर हो तो मँजिल का पता क्युँ नही देते।।

Mohabbat Shayari

ख़ुद्दारियों के ख़ून को अरज़ाँ न कर सके हम

अपने जौहरों को नुमायाँ न कर सके

होकर ख़राब-ए-मय तेरे ग़म तो भुला दिये

लेकिन ग़म-ए-हयात का दरमाँ न कर सके

टूटा तलिस्म-ए-अहद-ए-मोहब्बत कुछ इस तरह

फिर आरज़ू की शमा फ़ुरेज़ाँ न कर सके

हर शय क़रीब आ के कशिश अपनी खो गई

वो भी इलाज-ए-शौक़-ए-गुरेज़ाँ न कर सके

किस दरजा दिल-शिकन थे मोहब्बत के हादसे

हम ज़िन्दगी में फिर कोई अरमाँ न कर सके

मायूसियों ने छीन लिये दिल के वल-वले

वो भी निशात-ए-रूह का सामाँ न कर सके

Mohabbat Shayari

हम रूठे तो किसके भरोसे,

कौन आएगा हमें मनाने के लिए, हो सकता है,

तरस आ भी जाए आपको.. पर दिल कहाँ से लाये..

आप से रूठ जाने के लिए

Mohabbat Shayari

दोस्ती हर चहरे की मीठी मुस्कान होती है,

दोस्ती ही सुख दुख की पहचान होती है,

रूठ भी गऐ हम तो दिल पर मत लेना,

क्योकि दोस्ती जरा सी नादान होती है…!!!

Mohabbat Shayari

डूबे हुओं को हमने बिठाया था अपनी कश्ती में यारो…..

और फिर कश्ती का बोझ कहकर हमे ही उतारा गया…!

Mohabbat Shayari

प्यार को कोई पैसे से नहीं खरीद सकता है

पर इसके लिये बहुत ही भारी कीमत चुकानी पड़ती है !!

Mohabbat Shayari

किसी को ये सोचकर साथ मत छोड़ना

की उसके पास कुछ नहीं तुम्हे देने के लिए;

बस ये सोचकर साथ निभाने की

उसके पास कुछ नहीं है तुम्हारे सिवा खोने के लिए!

Mohabbat Shayari

जो दूसरों को इज़्ज़त देता है

असल में वो खुद इज़्ज़तदार होता है…

क्योकि इंसान दूसरो को वही दे पाता है

जो उसके पास होता है..!

Mohabbat Shayari In Hindi

Mohabbat Shayari

दिल की धड़कन रुक सी गई

सांसें मेरी थम सी गई

पूछा हमने दिल के डॉक्टर से तो पता चला

कि सर्दी के कारण आपकी यादें दिल में जम सी गई।

Mohabbat Shayari

बेनाम सा यह दर्द

बेनाम सा यह दर्द ठहर क्यों नही जाता;

जो बीत गया है वो गुज़र क्यों नही जाता;

सब कुछ तो है क्या ढूँढती रहती हैं निगाहें;

क्या बात है मैं वक्त पे घर क्यूं नही जाता;

वो एक ही चेहरा तो नही सारे जहाँ मैं;

जो दूर है वो दिल से उतर क्यों नही जाता;

मैं अपनी ही उलझी हुई राहों का तमाशा;

जाते है जिधर सब मैं उधर क्यूं नही जाता;

वो नाम जो बरसों से न चेहरा है न बदन है;

मोहब्बत शायरी

नज़र फ़रेब-ए-कज़ा खा गई तो क्या होगा;

हयात मौत से टकरा गई तो क्या होगा;

नई सहर के बहुत लोग मुंतज़िर हैं मगर;

नई सहर भी कजला गई तो क्या होगा;

न रहनुमाओं की मजलिस में ले चलो मुझको;

मैं बे-अदब हूँ हँसी आ गई तो क्या होगा;

ग़म-ए-हयात से बेशक़ है ख़ुदकुशी आसाँ;

मगर जो मौत भी शर्मा गई तो क्या होगा;

शबाब-ए-लाला-ओ-गुल को पुकारनेवालों;

ख़िज़ाँ-सिरिश्त बहार आ गई तो क्या होगा;

ख़ुशी छीनी है तो ग़म का भी ऐतमाद न कर;

जो रूह ग़म से भी उकता गई तो क्या होगा।

Mohabbat Shayari

कौन कहता कि…. :

बचपन वापस नहीं आता…….

दो घड़ी माँ के पास तो बैठ कर देखो…,

Mohabbat Shayari

ज़ख़्म जब मेरे सीने के भर जाएँगे;

आँसू भी मोती बनकर बिखर जाएँगे;

ये मत पूछना किस किस ने धोखा दिया;

वरना कुछ अपनो के चेहरे उतर जाएँगे।

Mohabbat Shayari

रौशनी दरकार है पर लौ ज़रा मद्धम करो,

चाहिये तुमको ग़ज़ल तो ऑंख मेरी नम करो !!

देखकर पलकें मेरी कहने लगा कोई फक़ीर,

इनपे बरख़ुरदार सपनों का वज़न कुछ कम करो !!

Mohabbat Shayari

हमारे दर्द में, ग़म में फटकने भी नहीं आये,

वो मितरों कह के हाथों को झटकने भी नहीं आये !

कहॉं तो कह रहे थे मुझको फॉंसी पर चढा देना,

मगर जब वक्त आया तो लटकने भी नहीं आये !

Mohabbat Shayari

ये किसने कह दिया तुमसे की इनका बम से रिश्ता है,

बहुत है जख्म सीने मे फक़त मरहम से रिश्ता है,,

वो तुम हो जो तिजारत करते हो बारूद की साहब,,,

ये है इमान वाले इनका जमजम से रिश्ता है…

Mohabbat Shayari

उसे अबकी वफाओं से गुजर जाने की जल्दी थी

मगर इस बार मुझको अपने घर जाने की जल्दी थी

इरादा था कि मैं कुछ देर तूफां का मजा लेता

मगर बेचारे दरिया को उतर जाने की जल्दी थी

Mohabbat Shayari

लब्जों से नहीं,हम आँखों से,बात करते हैं ,

दिल से नहीं,हम दिल में उतर के, प्यार करते हैं..!

Mohabbat Shayari

कागज़ पे हमने भी ज़िन्दगी लिख दी,

अश्क से सींच कर उनकी खुशी लिख दी,

दर्द जब हमने उबारा लफ्जों पे,

लोगों ने कहा वाह क्या गजल लिख दी..

Mohabbat Shayari

अभी सूरज नहीं डूबा जरा सी शाम होने दो,

मैं खुद लौट जाऊंगा मुझे नाकाम तो होने दो,

मुझे बदनाम करने का बहाना ढूंढ़ता है जमाना,

मैं खुद हो जाऊंगा बदनाम पहले मेरा नाम तो होने दो..

Mohabbat Shayari

रोज़ याद न कर पाऊँ तो खुदग़रज़ ना समझ लेना,

दरअसल छोटी सी जिन्दगी है। और परेशानियां बहुत हैं..!!

Mohabbat Shayari

मैं भूला नहीं हूँ किसी को…

मेरे बहुत अच्छे दोस्त है ज़माने में ..

बस जिंदगी उलझी पड़ी है ..

दो वक़्त की रोटी कमाने में।. . .

मोहब्बत भरी शायरी‎ Mohabbat Shayari

Mohabbat Shayari

कभी ग़म तो कभी तन्हाई मार गयी,

कभी याद आ कर उनकी जुदाई मार गयी,

बहुत टूट कर चाहा जिसको हमने,

आखिर में उनकी ही बेवफाई मार गयी..

Mohabbat Shayari

…अच्छी है याद तेरी अच्छा है

नाम तेरा …. . ओ दुर के रहने वाले कैसा है

हाल तेरा … …दिल में तेरी याद होठों पे सिर्फ नाम तेरा

.. ..मेरे दिल मै बसने वाले तुझको है सलाम मेरा …

.

Mohabbat Shayari

हर एक की सुनो ओर हर एक से सीखो क्योंकि हर कोई,

सब कुछ नही जानता लेकिन हर एक कुछ ना कुछ ज़रुर जानता हैं!

Mohabbat Shayari

स्वभाव रखना है तो उस दीपक की तरह रखिये,

जो बादशाह के महल में भी उतनी ही रोशनी देता है,

जितनी की किसी गरीब की झोपड़ी में….

Mohabbat Shayari

“जहाँ प्रयत्नों की उंचाई”

“अधिक होती हैं” “वहाँ नसीबो को भी”

“झुकना पड़ता हैं” “मेरे दोस्त”

परिवर्तन से डरना और संघर्ष से कतराना,

मनुष्य की सबसे बड़ी कायरता है !

जीवन का सबसे बड़ा गुरु वक्त होता है,

क्योंकि जो वक्त सिखाता है

वो कोई नहीं सिखा सकता

मोहब्बत शायरी

मेरी आँखों में पढ़ लेते हैं

लोग तेरे इश्क़ की आयतें…

किसी में इतना बस जाना भी अच्छा नहीं होता ♥…!!

कभी तो खर्च कर दिया करो.. खुद को मुझ पर…

तसल्ली रहें.. मामूली नही है हम….

.

Mohabbat Shayari

लडकियाँ हमेशा उसे प्यार करती है

जो उन्हे छोड देते है,

और उन्हे छोड देती है

जो सिर्फ उनसे प्यार करते है।

Mohabbat Shayari

मोहब्बत का कोई कुसूर नहीं ….

उसे तो मुझसे रूठना ही था……​ ​

दिल मेरा शीशे सा साफ़….

और शीशे का अंजाम तो टूटना ही था….

Mohabbat Shayari

सफर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो,

नजर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो,

हजारों फूल देखे हैं इस गुलशन में मगर,

खुशबू वहीं तक है जहाँ तक तुम हो।

Mohabbat Shayari

तेरे शहर के कारीगर बङे अजीब हैं ए दिल,,

काँच की मरम्मत करते हैं पत्थर के औजारों से …..

Mohabbat Shayari

याददाश्त का कमज़ोर होना…

बुरी बात नहीं है जनाब….

बड़े बेचैन रहते है वो लोग…

जिन्हे हर बात याद रहती है….

Mohabbat Shayari

चुपके से आकर मेरे कान मे,

एक तितली कह गई अपनी ज़ुबान मे…

उड़ना पड़ेगा तुमको भी,

मेरी तरह इस तूफान मे…

Mohabbat Shayari

महफ़िल में हँसना हमारा मिजाज बन गया,

तन्हाई में रोना एक राज बन गया,

दिल के दर्द को चेहरे से जाहिर न होने दिया,

बस यही जिंदगी जीने का अंदाज बन गया

Mohabbat Shayari

इश्क है वही जो हो एक तरफा,

इजहार-ए-इश्क तो ख्वाहिश बन जाती है,

है अगर इश्क तो आँखों में दिखाओ,

जुबां खोलने से ये नुमाइश बन जाती है।

Mohabbat Shayari

नज़र नवाज़ नज़रों में ज़ी नहीं लगता

फ़िज़ा गई तो बहारों में ज़ी नहीं लगता

ना पूछ मुझसे तेरे ग़म में क्या गुजरती है

यही कहूंगा हज़ारों में ज़ी नहीं लगता !!

Mohabbat Shayari

भूल जाने का हौसला ना हुआ

दूर रह कर भी वो जुदा ना हुआ

उनसे मिल कर किसी और से क्या मिलते

कोई दूसरा उनके जैसा ना हुआ!

Mohabbat Shayari

ग़म में हँसने वालों को कभी रुलाया नहीं जाता

लहरों से पानी को हटाया नहीं जाता

होने वाले हो जाते हैं खुद ही दिल से जुदा

किसी को जबर्दस्ती दिल में बसाया नहीं जाता !!

Mohabbat Shayari

सब फूलों की जुदा कहानी है

खामोशी भी तो प्यार की निशानी है

ना कोई ज़ख्म है फिर भी ऐसा एहसास है

यूँ महसूस होता है कोई आज भी दिल के पास है !!

Mohabbat Shayari

बिताए हुए कल में आज को ढूँढता हूँ

सपनों में सिर्फ आपको देखता हूँ

क्यों हो गए आप मुझसे दूर यह सोचता हूँ

तन्हा यारों से छुपकर रोता हूँ !!

Mohabbat Shayari

तेरी याद में आंसुओं का समंदर बना लिया

तन्हाई के शहर में अपना घर बना लिया

सुना है लोग पूजते हैं पत्थर को इसलिए

तुझसे जुदा होने के बाद दिल को पत्थर बना लिया !!

Mohabbat Shayari

ना दूर हमसे जाया करो दिल तड़प जाता है

आपके ख्यालों में ही हमारा दिन गुज़र जाता है

पूछता है यह दिल एक सवाल आपसे कि

क्या दूर रहकर भी आपको हमारा ख्याल आता है!!

Mohabbat Shayari

जिंदगी सुंदर है पर मुझे.

जीना नहीं आता, हर चीज में नशा है

पर मुझे. पीना नहीं आता,

सब मेरे बिना जी सकते हैं,

र्सिफ मुझे अपनों के बिना….

जीना नहीं आता….

Mohabbat Shayari

गुनाह करके सजा से डरते है,

ज़हर पी के दवा से डरते है.

दुश्मनो के सितम का खौफ नहीं हमे,

हम तो दोस्तों के खफा होने से डरते है.

Mohabbat Shayari

बड़ी मुददत के बाद मिलने वाली थी कैद से आज़ादी;​ ​

पर किस्मत तो देखो, जब आज़ादी मिलने वाली थी;​ ​

तब तक पिंजरे से प्यार हो चुका था!

Mohabbat Shayari

शायर तो हम है शायरी बना देंगे

आपको शायरी मे क़ैद कर लेंगे

कभी सूनाओ हमे अपनी आवाज़

आपकी आवाज़ को हम ग़ज़ल बना देंगे

तेरे चेहरे को कभी भुला नहीं सकता,

तेरी यादों को भी दबा नहीं सकता,

आखिर में मेरी जान चली जायेगी,

मगर दिल में किसी और को बसा नहीं सकता.

नज़र नवाज़ नज़रों में ज़ी नहीं लगता

फ़िज़ा गई तो बहारों में ज़ी नहीं लगता

ना पूछ मुझसे तेरे ग़म में क्या गुजरती है

यही कहूंगा हज़ारों में ज़ी नहीं लगता !!

Mohabbat Shayari

आँखों में मेरी कई लोगो ने पड़ा है ,

पिंजरे के पंछी सा दिल बेबस खड़ा है ,

आज़ाद होकर खुले आसमां में उड़ने को बेकरार है

किसी और का नहीं मुझे सिर्फ तेरा ही इंतेज़ार है ..

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Mohabbat Shayari

“चाँद निकलेगा तो दुआ मांगेंगे;

अपने हिस्से में मुकदर का लिखा मांगेंगे;

हम तलबगार नहीं दुनिया और दौलत के;

हम रब से सिर्फ आपकी वफ़ा मांगेंगे!

Mohabbat Shayari

न समझो के हमने आपको भुला रखा है

आप नही जानते के दिल में छुपा रखा है

देखते रहे तुम्हें उमर भर इन आंखों में

इसलिए नज़रों के सामने आइना लगा रखा है

Mohabbat Shayari

दर्द कागज़ पर मेरा बिकता रहा

मैं बैचैन था रातभर लिखता रहा !!

छू रहे थे सब बुलंदियाँ आसमान की

मैं सितारों के बीच, चाँद की तरह छिपता रहा !!

दरख़्त होता तो, कब का टूट गया होता

मैं था नाज़ुक डाली, जो सबके आगे झुकता रहा !!

बदले यहाँ लोगों ने,

रंग अपने-अपने ढंग से रंग मेरा भी निखरा पर,

मैं मेहँदी की तरह पीसता रहा !!

जिनको जल्दी थी, वो बढ़ चले

मंज़िल की ओर मैं समन्दर से राज गहराई के सीखता रहा !

Mohabbat Shayari

एक मसला-ए-मोहब्बत,

जो कभी सुलझा नही, हमने कभी कहा नही,

उसने कभी समझा नही, ये इश्क में सजा रही,

अब जिंदगी में मज़ा नही, जख्म कभी दिखा नही,

इस दर्द की दवा नही, सजाये बहुत साज़ हमने,

दिल के आशियाने में, कभी गीत कोई सुना नही,

साज़ कोई बजा नही, जो मिला वो ज़मा नही,

जो ज़मा वो मिला नही, यही उसकी रज़ा रही,

ये “मन” कभी समझा नही,

Mohabbat Shayari

मोहब्बत की जंजीर से डर लगता है

कुछ अपने तकदीर से डर लगता है

जो मुझे तुझसे जुदा करती है

मुझे उस हाथ की लकीर से डर लगता है !!

मोहब्बत शायरी

खुद से जीतने की जिद है, मुझे खुद को ही हराना है,

मै भीड़ नहीं हूँ दुनिया की, मेरे अन्दर एक ज़माना है……….!!

Mohabbat Shayari

शायरो की महफ़िल में बात चली एक दीवाने की..

दिन रात जलने वाले एक परवाने की..

मैंने सोचा कौन होगा ये सिरफिरा..

*देखा तो ऊँगली मेरी तरफ थी सारे ज़माने की…..

यूँ तो तमन्नाएं दिल में ना थी हमें लेकिन,

ना जाने तुझे देखकर क्यों आशिक़ बन बैठे,

बंदगी तो खुदा की भी करते थे लेकिन,

ना जाने क्यों हम काफ़िर बन बैठे. _____

बेहतर से बेहतर की तलाश करो,

मिल जाए नदी तो समंदर की तलाश करो,

टूट जाते हैं शीशे पत्थरों की चोट से,

टूट जाये पत्थर ऐसे शीशे की तलाश करो. _____

जब टूटने लगे हौंसला तो बस यही याद रखना,

बिना मेहनत के कभी तख्तो-ताज हासिल नहीं होते,

ढूंढ लेना अंधेरों में भी तुम मंज़िल अपनी,

क्योंकि जुगनू कभी रौशनी के मोहताज़ नहीं होते. ____

Mohabbat Shayari

थक जाते हैं ख्यालात भी ज़हन मे आ आ कर मेरे कहते हैं

मुझसे …. “कमबख्त कितना प्यार है तुझे उससे”

Mohabbat Shayari

कभी लगा वो मुझे सता रहे है,

कभी लगा के वो करीब आ रहे है,

कुछ लोग होते है आंसुओं की तरह,

पता ही नही लगता साथ दे रहे है या छोड़ कर जा रहे है…

Mohabbat Shayari

उन्हें ये शिकायत है हमसे कि हम हर किसी को देख कर मुस्कुराते है,

नासमझ है वो क्या जाने हमें तो हर चेहरे मेँ वो ही नजर आते है..

Mohabbat Shayari

दिल ने फिर तेरे दिल पर दस्तक दी है

तन्हाई ने फिर एक कसक दी है

चाहूँ तेरी बाहों में सिमट जाना

ख़्वाबों ने तेरी फिर कसक दी है ।

Mohabbat Shayari

तेरे सीने से लग कर तेरी आरज़ू बन जाऊँ,

तेरी सांसों से मिलकर तेरी खुशबू बन जाऊँ,

फासले न रहें कोई हम दोनों के दरम्यान,

मैं, मैं न रहूँ… बस तू ही तू बन जाऊँ।

Mohabbat Shayari

लिपट जाता हूँ माँ से और मौसी मुस्कुराती है

मैं उर्दू में ग़ज़ल कहता हूँ

हिन्दी मुस्कुराती है

तभी जा कर कहीं माँ-बाप को कुछ चैन पड़ता है

कि जब ससुराल से घरआ के बेटी मुस्कुराती है

चमन में सुबह का मंज़र बड़ा दिलचस्प होता है

कली जब सो के उठती है

तो तितली मुस्कुराती है

हमें ऐ ज़िन्दगी तुझ पर हमेशा रश्क आता है

मसायल से घिरी रहती है

फिर भी मुस्कुराती है बड़ा गहरा तअल्लुक़ है

सियासत से तबाही का कोई भी शहर जलता है

तो दिल्ली मुस्कुराती है.

Mohabbat Shayari

चमन से कौन चला ये खामोशियाँ लेकर ?

कली-कली तड़प उठी है

सिसकियाँ लेकर तमाशा देख रहे थे

जो डूब जाने का मेरे मेरी तलाश में निकले है

देखो कश्तिया लेकर !!_____

मोहब्बत शायरी

ये मत कहना कि तेरी याद से

रिश्ता नहीं रखा मैं खुद तन्हा रहा

पर दिल को तन्हा नहीं रखा तुम्हारी चाहतों के फूल

तो महफूज रखे हैं तुम्हारी नफरतों की पीड़ को जिंदा नहीं रखा !!

Mohabbat Shayari

उजड़ी हुई दुनिया को तू आबाद न कर

बीते हुए लम्हों को तू याद न कर

एक कैद परिंदे ने ये कहा हमसे

मैं भुल चुका हूं उड़ना मुझे आजाद न कर !!

Mohabbat Shayari

कुछ लोग खोने को प्यार कहते हैं

तो कुछ पाने को प्यार कहते हैं

पर हकीक़त तो ये है.

हम तो बस निभाने को प्यार कहते हैँ…!!

Mohabbat Shayari

तक़दीर लिखने वाले एक एहसान करदे,

मेरे दोस्त की तक़दीर मैं एक और मुस्कान लिख दे,

न मिले कभी दर्द उनको,

तू चाहे तो उसकी किस्मत मैं मेरी जान लिख दे.

Mohabbat Shayari

उजालों से रौशन आसमां देख रहा था..!! .

एक दिल अँधेरे में बैठा सारा जहां देख रहा था….!!!!

मोहब्बत शायरी

उनसे मिलने को जो सोचों अब वो ज़माना नहीं,

घर भी कैसे जाऊं अब तो कोई बहाना नहीं,

मुझे याद रखना कहीं तुम भुला न देना,

माना के बरसों से तेरी गली मेंआना-जाना नहीं।

Mohabbat Shayari

रिश्तों की बगिया में एक रिश्ता नीम के पेड़ जैसा भी रखना;

जो सीख भले ही कड़वी देता हो पर तकलीफ में मरहम भी बनता है।

Mohabbat Shayari

“जिंदगी है छोटी,” हर पल में खुश हूं

“काम में खुश हूं,” आराम में खुश हू

“आज पनीर नहीं,” दाल में ही खुश हूं

“आज गाड़ी नहीं,” पैदल ही खुश हूं ”

अगर किसी का साथ नहीं,” तो अकेला ही खुश हूं ” . , . .

आज कोई नाराज है,” उसके इस अंदाज से ही खुश हूं

“जिस को देख नहीं सकता,” उसकी आवाज से ही खुश हूं

“जिसको पा नहीं सकता,”.. . उसको सोच कर ही खुश हूं

“बीता हुआ कल जा चुका है,” उसकी मीठी याद में ही खुश हूं

” आने वाले कल का पता नहीं,” इंतजार में ही खुश हूं

“हंसता हुआ बीत रहा है पल,” आज में ही खुश हूं

“जिंदगी है छोटी,” हर पल में खुश हूं

“अगर दिल को छुआ, तो जवाब देना”

“वरना बिना जवाब के भी खुश हूं….

Mohabbat Shayari

नजरअंदाज करने वाले तेरी कोई ख़ता ही नही

महोब्बत क्या होती है शायद तुझको पता ही नही…

Mohabbat Shayari

जो फ़ना हो जाऊं तेरी चाहत में तो ग़ुरूर ना करना,

ये असर नहीं तेरे इश्क़ का, मेरी दीवानगी का हुनर है !!

Mohabbat Shayari

शायद लोगों की नजरो मे हमारी कोई कीमत ना हो..,,,,

लेकिन कोई तो होगा जो, हमारा हाथ पकड़ कर खुद पर नाज़ करेगा,,,,

Mohabbat Shayari

हमारे कुछ गुनाहों की सज़ा भी साथ चलती है….

हम अब तन्हा नहीं चलते दवा भी साथ चलती है….

अभी ज़िन्दा है #माँ मेरी मुझे कुछ भी नहीं होगा ….

मैं जब घर से निकलता हूँ #दुआ भी साथ चलती है।….

तू इन बूढ़े दरख़्तों की हवाएँ साथ रख लेना

सफ़र में काम आयेंगी दुआएँ साथ रख लेना

हँसी बच्चों की, माँ का प्यार और मुस्कान बीवी की

तू घर से जब चले तो ये दवाएँ साथ रख लेना

सफ़र कितना भी मुश्किल हो वो फिर मुश्किल नहीं होगा

तू थोड़े हौसले बस दायें-बायें साथ रख लेना

बिछुड़ता देखकर तुझको जो घिरकर भी नहीं

बरसीं तू उन कजरारी आँखों की घटाएँ

साथ रख लेना कहीं भी तू रहे तेरे हमेशा काम आयेंगी तू

थोड़ी नेकियाँ, थोड़ी वफ़ाएँ साथ रख लेना

खताएँ दूसरों की जब कभी तू ढूढ़ने निकले

तू सबसे पेशकर अपनी खताएँ साथ रख लेना

मैं जब घर से चला, काँटो घिरे कुछ फूल

यूँ बोले ग़मों में मुस्कराने की अदाएँ साथ रख लेना……

मोहब्बत शायरी

जवानी, हुस्न, मयख़ाने, लबौ रूख़सार बिकते हैं…

हया के आईने भी अब ,सरे बाज़ार बिकते हैं…

शराफत ज़र्फ, हमदर्दी ,दिलों से हो गयी रुख़सत….

जहां दौलत चमकती है ,वहीं किरदार बिकते हैं…

वहां हथियार बिकने का, अजब दस्तूर निकला है….

हमारे गांव में अब तक, गुलों के हार बिकते हैं…

हमारे रहनुमाओं को ,हुआ क्या है ख़ुदा जाने…

कभी इस पार बिकते हैं, कभी उस पार बिकते हैं…

ज़रा खुद सोचिए हम पर, तबाही क्यूं ना आएगी…

ये दौर ऐसा है जिसमें ,कौम के किरदार बिकते हैं…

Mohabbat Shayari

मुझे तेरे प्यार में ऐसी ज़बरदस्ती चाहिए_

जो मैं छोडूँ हाथ तेरा तो तू बाँहो को थाम ले___

जवानी, हुस्न, मयख़ाने, लबौ रूख़सार बिकते हैं…

हया के आईने भी अब ,सरे बाज़ार बिकते हैं…

शराफत ज़र्फ, हमदर्दी ,दिलों से हो गयी रुख़सत….

जहां दौलत चमकती है ,वहीं किरदार बिकते हैं…

वहां हथियार बिकने का, अजब दस्तूर निकला है….

हमारे गांव में अब तक, गुलों के हार बिकते हैं…

हमारे रहनुमाओं को ,हुआ क्या है ख़ुदा जाने…

कभी इस पार बिकते हैं, कभी उस पार बिकते हैं…

ज़रा खुद सोचिए हम पर, तबाही क्यूं ना आएगी…

ये दौर ऐसा है जिसमें ,कौम के किरदार बिकते हैं….

Mohabbat Shayari

जिंदगी में एक बात हमेशा होती है …

लोग धोखा वहीँ से खाते हैं..

जहां गुंजाईश नहीं होती है !!

Mohabbat Shayari

तू किस अधिकार से चरखे से फोटो जोड़ आया था?

वो बैरिस्टर बड़े घर का सभी कुछ छोड़ आया था।

Mohabbat Shayari

कभी कुर्ता तेरा मैला, और अब है,

सूट लाखों का, वो धोती बांध कर;

रूह-ए-वतन झनझोड़ आया था।

Mohabbat Shayari

गरीबों के लहू से हाथ रंगे हैं तेरे,

अब तक, अहिंसक रहके वो

फौज-ए-फिरंगी मोड़ आया था।

मोहब्बत शायरी

तेरी सियासत की रोटी सिकती है

दंगे भड़कने पर,

वो दंगे रोकने को रोटी-पानी छोड़ आया था।

Mohabbat Shayari

तेरी बातों से सदियों के बने रिश्ते बिखरते हैं,

वो गंगा और जमुना के किनारे जोड़ आया था।

Mohabbat Shayari

अकड़ की इन्तेहां देखो के नपवाता है

छाती तक, वो दुर्बल-सा,

गुरूर-ए-तख्त-ए-शाही तोड़ आया था।

Mohabbat Shayari

“ठोकरें ख़ाता हूँ पर,

“शान” से चलता हूँ।

मैं खुले आसमान के नीचे,

सीना तान के चलता हूँ।

Mohabbat Shayari

मुश्किलें तो “साज़” हैं ज़िंदगी का,

“आने दो-आने दो”। उठूंगा,

गिरूंगा फिर उठूंगा और आखिर में

“जीतूंगा मैं ही” ये ठान के चलता हूँ!”

मोहब्बत शायरी

“जो दोस्त आगे बढ़कर होटल के बिल का पेमेंट करतें हैं,

वो इसलिए नहीं कि, उनके पास खूब पैसा है;

Mohabbat Shayari

बल्कि इसलिए कि……

उन्हें पैसों से अधिक अपने दोस्त पसंद हैं…!

“जो लोग हर काम में आगे रहतें हैं,

वो इसलिए नहीं कि, वे बेवकूफ होते हैं;

Mohabbat Shayari

बल्कि इसलिए कि उन्हें……

अपनी जिम्मेदारी का अहसास होता है…!!

“जो लोग लड़ाई हो चुकने बाद भी माफी माँग लेते हैं,

वो इसलिए नहीं कि, वो गलत थे;

Mohabbat Shayari

बल्कि इसलिए कि….

वो रिश्तों की परवाह करते है…!!

“जो लोग आपकी मदद करने के लिए आगे आते हैं,

वो इसलिए नहीं कि, आपका उन पर कोई कर्ज बाकी है;

मोहब्बत शायरी

बल्कि इसलिए कि वे…

आपको अपना मानते हैं।

“जो लोग आपको रोज “मेसेज ”

अथवा _”पोस्ट” भेजते हैं, वो इसलिए नहीं कि,

वे फुरसतिया होतें हैं;

Mohabbat Shayari

बल्कि इसलिए कि..

उनमें हमेशा आपके नज़दीक बनें रहने की _

*मोहब्बत होती है…!! * “

आ कर ख़्यालों में मेरे बाकी जहाँ बेख्याल कर जाते

हो हमें भी सिखा दो हुनर, कैसे यह कमाल कर जाते हो “!!

Mohabbat Shayari

बातें ऐसे करो की जज्बात कभी कम न हों

ख्यालात ऐसे रखो कि कभी गम न हो

दिल में अपने इतनी जगह दे देना हमें

कि खाली-खाली सा लगे जब हम न हों !!