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किसी की तारीफ के लिए शायरी Status, Quotes SMS 2022

किसी की तारीफ के लिए शायरी Status, Quotes SMS 2022 ! मेरा इश्क भी, तेरा हुस्न भी गजलों में आके घुल गई मेरी शायरी की किताब तू कभी खो गई, कभी मिल गई ! रात भर गहरी नींद आना इतना आसान नहीं, उसके लिए दिन भर “ईमानदारी” से जीना पड़ता हैं.

किसी की तारीफ के लिए शायरी

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अपने रास्ते खुद चुनिए क्योंकि आपको आपसे बेहतर और कोई नहीं जानता

भीड़ हमेशा उस रास्ते पर चलती है जो रास्ता आसान लगता है,

सफल लोग रास्ते बदलते हैं इरादे नहीं,

जो गिरने से डरते हैं,
वो कभी उड़ान नहीं भर सकते!

जब तक किसी काम को किया नहीं जाता तब तक वह असंभव लगता है

असफलता मुझे तब तक नहीं मिल सकती जब तक मेरी सफलता पाने की इच्छा मजबूत है

मुश्किल वक्त हमारे लिये आईनें की तरह होता है, जो हमारी क्षमताओं का सही आभास हमें कराता है ।

सपना खुली आंखो से देखो नही तो सपना सपना ही रह जाता है

जीवन लम्बा होने की बजाये महान होना चाहिए

दुआ कभी खाली नही जाती, बस लोग इंतजार नही करते..

हमें सिर्फ अपनी संघर्ष (Struggle) करने की क्षमता बढ़ानी है, सफलता (Success) का मिलना तो तय है ।

बुरे वह लोग नहीं है जो आपको कहते हैं कि आप कुछ नहीं कर सकते, बुरा आपका दिमाग है जो उनकी बात को मान लेता है |

जीतने वाले वो लोग नहीं होते जो कभी fail नहीं हुए, ये वो लोग होते हैं जो हारने के बाद भी दुबारा शुरुआत करते हैं |

हजारों मील का सफर भी एक कदम से ही आरंभ होता है|

गिरते रहो, भटकते रहो, सीखते रहो लेकिन कभी हार मत मानो ।

वक़्त आपका है
चाहो तो सोना बना लो
चाहे सोने में गुजार दो

सपनों को पाने के लिए
समझदार नहीं
पागल बनना पड़ता है

मेहनत इतनी करो
कि किस्मत भी बोले
ले ले बेटा
यह तो तेरा हक़ है

भरोसा खुद पर रखो तो ताकत बन जाती है
और दूसरों पर रखो तो कमजोरी बन जाती है.

रात भर गहरी नींद आना इतना आसान नहीं,
उसके लिए दिन भर “ईमानदारी” से जीना पड़ता हैं.

जीत और हार आपकी सोच पर निर्भर करती है मान लो तो हार होगी और ठान लो तो जीत होगी |

जैसे धुऐं के पीछे से सूरज का चमकना,
घने बादलों के पीछे से चाँद का खिलना,
पंखुडियाँ खोलकर कमल का खिलखिलाना,
वैसे घूँघट की आड से तेरा लाजवाब मुस्कुराना।

इस प्यार का अंदाज़ कुछ ऐसा है,
क्या बताये ये राज़ कैसा है;
कौन कहता है कि आप चाँद जैसे हो,
सच तो ये है कि खुद चाँद आप जैसा है।

फ़क़त इस शौक़ में पूछी हैं हज़ारों बातें..
मैं तेरा हुस्न तेरे हुस्न-ए-बयाँ तक देखूँ ।

नशीली आँखों से वो जब हमें देखते हैं,
हम घबरा कर आँखें झुका लेते हैं,
कौन मिलाये उन आँखों से आँखें,
सुना है वो आँखों से अपना बना लेते हैं।

तेरे हुस्न का दीवाना तो हर कोई होगा
लेकिन मेरे जैसी दीवानगी हर किसी में नहीं होगी।

ये तेरा हुस्न औ कमबख्त अदायें तेरी
कौन ना मर जाय,अब देख कर तुम्हें

तेरा हुस्न बयां करना नहीं मकसद था मेरा !
ज़िद कागजों ने की थी और कलम चल पड़ी !

तेरा हुस्न एक जवाब,मेरा इश्क एक सवाल ही सही
तेरे मिलने कि ख़ुशी नही,तुझसे दुरी का मलाल ही सही
तू न जान हाल इस दिल का,कोई बात नही
तू नही जिंदगी मे तो तेरा ख़याल ही सही

kisi ki Tareef ke liye shayari

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दुनिया में तेरा हुस्न मेरी जां सलामत रहे
सदियों तलक जमीं पे तेरी कयामत रहे

क्या तुझे कहूं तू है मरहबा.
तेरा हुस्न जैसे है मयकदा
मेरी मयकशी का सुरूर है,
तेरी हर नजर तेरी हर अदा_

मेरी निगाह-ए-इश्क भी
कुछ कम नही,
मगर, फिर भी
तेरा हुस्न तेरा ही हुस्न है

जिस मोड़ पे तू मिल गई
वहां एक नई राह खुल गई
तू नए किरण की बहार है
अब रात भी मेरी ढल गई

मेरा इश्क भी, तेरा हुस्न भी
गजलों में आके घुल गई
मेरी शायरी की किताब तू
कभी खो गई, कभी मिल गई

किसका चेहरा अब मैं देखूं…?
चाँद भी देखा…! फूल भी देखा…!!
बादल बिजली…! तितली जुगनूं…!!
कोई नहीं है ऐसा…! तेरा हुस्न है जैसा…!!

शरीके-ज़िंदगी तू है मेरी, मैं हूँ साजन तेरा
ख्यालों में तेरी ख़ुश्बू है चंदन सा बदन तेरा

अभी भी तेरा हुस्न डालता है मुझको हैरत में
मुझे दीवाना कर देता है जलवा जानेमन तेरा

तेरी तरफ जो नजर उठी
वो तापिशे हुस्न से जल गयी
तुझे देख सकता नहीं कोई
तेरा हुस्न खुद ही नकाब हैं

मत पूछना मेरी खुशी की इंतेहा क्या होगी उस वक़्त…
क्यूंकी उस दिन खत्म मेरे बरसो का इन्तेजार होगा.!!!

क्या हसीन वो शाम होगी, क्या हसीन उस दिन सारा जहां होगा…
लाल सुनहरे जोड़े में सजा उस दिन मेरा यार होगा.!!!

देखे जो आइना भी तो रूठकर बिखर जाये टुकड़ो में…
कुछ ऐसे सजा-सवरा उस दिन मेरी महबूब का रूप सिंगार होगा…
सादगी उसकी इतना कातिल है, उसके हुस्न का आलम यारो…
क्या होगा उस दिन जब वो गहनो से सजकर तैयार होगा.!!!

शायद फिसल जायेगे पहली बार मेरे अरमान भी उस दिन…
क्यूंकि हुस्न उसका उस दिन यारो अल्फाज़ो से परे होगा…
चाँद भी उस दिन कुछ देर बदलो में छुप जाएगा…
क्यूंकी ज़मी पर उस दिन डोली में एक और चाँद सवार होगा.!!!

हमें नहीं चाहिये ज़माने की खुशियाँ,
अगर मिल जाये मोहब्बत तुम्हारी…

आँखों में तेरी कोई करिश्मा ज़रूर है…
तू जिसको देख ले;
वो बहकता ज़रूर है…

बहुत खुबसूरत है हमारा सनम |
खुदा ऐसा चेहरा बनाता है कम ||

डूबकर तेरी झील सी गहरी आँखों में,
एक मयकश भी शायद पीना भूल जाए.

चांद रोज़ छत पर आकर इतराता बहुत था,
कल रात मैंने भी उसे तेरी तस्वीर दिखा दी.

सुबह का मतलब मेरे लिए सूरज निकलना नही,
तेरी मुस्कराहट से दिन शुरू होना है…

इश्क के फूल खिलते हैं तेरी खूबसूरत आंखों में..,
जहां देखे तू एक नजर वहां खुशबू बिखर जाए॥….

ऐसा ना हो तुझको भी दीवाना बना डाले,
तन्हाई मैं खुद अपनी तस्वीर न देखा कर …

बाँहों में ले कर उसको फिर लबो की लाली चुराई थी
उस सर्द रात में साँसे भी शोला बन कर टकराई थी

टिका बिंदी , कंगना , पायल सब ने शोर मचाया था
जब उसके शोख बदन को मैंने हाथ लगाया था ,

डूब गए थे हम दोनों उस दहकती प्यार की आग में
तोड़ दिया था हम ने कलियों को उसके प्यार के बाग़ में

तुझको देखा तो फिर किसी को नहीं देखा,
चाँद कहता रहा मैं चाँद हूँ… मैं चाँद हूँ…।

कैसी थी वो रात कुछ कह सकता नहीं मैं
चाहूँ कहना तो बयां कर सकता नहीं मैं ,

दुल्हन बन के मेरी जब वो मेरी बाँहों में आयी थी
सेज सजी थी फूलों की पर उस ने महकाई थी

घूँघट में इक चाँद था और सिर्फ तन्हाई थी
आवाज़ दिल के धड़कने की भी फिर ज़ोर से आयी थी

प्यार से जो मैंने घूँघट चाँद पर से हटाया था
प्यार का रंग भी उतरकर उसके चेहरे पर आया था

उनकी तारीफ़ क्या पूछते हो उम्र सारी गुनाहों में गुजरी
अब शरीफ बन रहे है वो ऐसे जैसे गंगा नहाये हुए है