जीवन_की_गहराई_पर_शायरी

जीवन की गहराई पर शायरी | Jiwan Ki Gehrai Par Shayari

जीवन की गहराई पर शायरी  प्यास अगर शराब की होती. तो ना आता तेरे मैखाने मे. ये जो तेरी नज़रो का जाम है कम्बख्त कही और मिलता ही नही. Jiwan Ki Gehrai Par Shayari

जीवन की गहराई पर शायरी

Jiwan-Ki-Gehrai-Par-Shayari

1.किसी को दिल मे छुपाना कोई ग़लत तो नही,
किसी को दिल मे बसाना कोई ख़ता तो नही,
ये दुनियावालो की नज़र मे बुरा हे तो क्या हुवा,
दुनियावाले भी तो इंसान हे कोई खुदा तो नही.

2.सभी इन्सान है, मगर सिर्फ फर्क इतना है,
कुछ जख्म भरते है कुछ जख्म देते !!

3.प्यार को कमज़ोरी नहीं ताकत बनाओ
रिश्तो को मज़बूरी नहीं इबादत बनाओ
ज़िंदगी सिर्फ जीने से क्या होगा
हर पल हर लम्हे को अपनी कोशिश से जन्नत बनाओ …

4.ऐसा लगा मेरे सनम, हम जो यहाँ मिले
सहारा में जैसे शबनमी चाहत के गुल खिले
ये जमीन, आसमान, कह रहे, हम तो कभी ना होंगे जुदा

5.पलकों में तेरे रूप का सपना सजा दिया
पहली नजर में ही तुझे, अपना बना लिया
है यही आरजू, हर घड़ी बैठी रहो मेरे सामने