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Jabardast Shayari | जबरदस्त शायरी

Jabardast Shayari दर बदर भटकते थे लोग जो जमाने से , झोलियां वोह भर लाये उनके आस्ताने से | जबरदस्त शायरी कितनी ही तब्दीलियाँ लाया हूँ ..,अपने आप में ” बस ये जो तुम्हे याद करने की…,ये आदत अब भी वैसे की वैसे ही बाक़ी है #JabardastShayari

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1.जागती आँखों से एक ख्वाब बुना है मैंने,
हज़ार चेहरों में तुझको चुना है मैंने,
तेरी खुशबू से महक जाते है साँसों के गुलाब,
तेरे बारे में हवाओं से सुना है मैंने…

2.जब मुझसे मोहब्बत ही नहीं तो रोकते क्यों हो,
तन्हाई में मेरे बारे में सोचते क्यों हो,
जब मंजिले ही जुदा है तो जाने दो मुझे,
लौट के कब आओगे ये पूछते क्यों हो?

3.मोहब्बत का इम्तिहान आसान नहीं;
प्यार सिर्फ पाने का नाम नहीं;
मुद्दतें बीत जाती है किसी के इंतज़ार में;
यह सिर्फ पल दो पल का काम नही

4.तेरी मोहब्बत को तो पलकों पर सजायेंगे;
मर कर भी हर रस्म हम निभायेंगे;
देने को तो कुछ भी नहीं है मेरे पास;
मगर तेरी ख़ुशी मांगने हम खुदा तक भी जायेंगे।

5.कल रात मेरी आँख से एक आँसू निकल आया,
मैने उस से पूछा तू बाहर क्यों आया,
तो उसने मुझे बताया की,
तुम्हारी आँखों में कोई इतना है समाया,
की चाहकर भी में अपनी जगह न बना पाया…

6.उदास हूॅ पर तूझसे नाराज नही,,…….
तेरे दिल मे हूॅ पर तेरे पास नही….
वैसे तो सब कुछ हे मेरे पास,,
पर तेरे जैसा कोई खास नही,,,,!!!

7.”जिंदगी देने वाले, मरता छोड़ गये,
अपनापन जताने वाले तन्हा छोड़ गये,
जब पड़ी जरूरत हमें अपने हमसफर की,
वो जो साथ चलने वाले, रास्ता मोड़ गये.”

8.जो मंज़िल तक पहुँच जाए वो मुसाफिर ही क्या,
जो पी के बहक जाए वो शराबी ही क्या,
चल कदम दर कदम मेरे साथ उस जहाँ तक,
जो थक गया सफ़र मे तो वो हमसफ़र ही क्या।

9.देखा जब मैंने उन्हें
नजरे फिर झुकाई न गई
और जब देखा उन्होंने
मुझसे नजरे उठाई न गई.

10.मुहब्बत में सच्चा यार न मिला,
दिल से चाहे हमें वो प्यार न मिला।
लूटा दिया उसके लिए सब कुछ मैने,
मुसीबत में मुझे मददग़ार न मिला।

11.रात गुमसुम हैं मगर चाँद खामोश नहीं,
कैसे कह दूँ फिर आज मुझे होश नहीं,
ऐसे डूबा तेरी आँखों के गहराई में आज,
हाथ में जाम हैं,मगर पिने का होश नहीं|

12.वो जो अपना था हमसे है खफा…
पता नही किससे हुई थी क्या खता…
बे वजह दिल नही टूटता किसी का…
तुम थे या हम थे बेवफा…!!