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Best हद से ज्यादा प्यार शायरी Status Quotes

Best हद से ज्यादा प्यार शायरी Status Quotes  शाम होते तेरी तस्वीर नजर आती है पिछली बिगड़ी हुई तकदीर नज़र आती है जब कभी मैंने उसे दिल से हटाना चाहा उसमे से हल्की सी मुस्कान नज़र आती है मेरे जीने मरने में तुम्हारा नाम आएगा मैं सांस रोक लू फिर भी यही इलज़ाम आएगा हर एक धड़कन में जब तुम हो तो फिर अपराध क्या मेरा अगर राधा पुकारेंगी तो घनश्याम आएगा

हद से ज्यादा प्यार शायरी

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दिल को तिरी चाहत पे भरोसा भी बहुत है और तुझ से बिछड़ जाने का डर भी नहीं जाता

अपने हाथों से यूं चहरे को छुपाते क्यों हो मुझ से शर्माते हो तो सामाने आते क्यों हो तुम कभी मेरी तरह कर भी लो इक़रार-ए-वफ़ा प्यार करते हो तो फिर प्यार छुपाते क्यों हो

जो कहा मैं ने कि प्यार आता है मुझ को तुम पर हँस के कहने लगा और आप को आता क्या है

मुझको तुम खुद में छुपाओ तो छुपाना ऐसे… किसी सागर में हों लहरों की पनाहें जैसे

बांध लो-बांध लो इन पलो को प्रिये क्या पता फिर दुबारा मिंले न मिंले मुद्दतो बाद तन मन सुगन्धित हुऐ इन पलो के सुमन फिर खिलें न खिलें

खींच लो-खींच लो जान होंठों से तुम शेष दिन जिन्दगी के सँवर जाएंगे आज तक जो जिया जी लिया मर लिया शेष दिन बिन तुम्हारे ना जी पाएँगे

जीवन का नागफनी जंगल अपनी बाँहों में भर लूँगा तुम एक बार बस मुस्कदो मैं प्राण निछावर कर दूँगा

आँखों ने जब देखा तुमको तब जीवन का कुछ अर्थ लगा मन में इस तरह समाये तुम तुम बिन जग सारा व्यर्थं लगा

कल का कोई विश्वास नहीं पलको में आज छुपा लो तुम शरमा जाये न चाँद कहीं ये चंचल रूप संभालो तुम

प्रथम मिलन का वो पल मन में अब तक खटक रहा है उस अतीत मरुस्थल में जीवन अब तक भटक रहा है

केवल ये अपराध हमारा हमने उनसे प्रीत लगाई सारा जग दुश्मन हो बैठा क्यो ऐसी तकदीर बनायीं

जब काली पर शबाब होता है कतरा कतरा खराब होता है उसके खिलने की चटखने की अदा वो लम्हा लाजवाब होता है

ख्वाब दिल में लिए चाँदनी रात का आईना चूमना-चूमना हाथ का खुद की बाहों में खुद का बदन भींचना ये असर है किसी की मुलाकात का

आज खुलकर के बात होने दो बातों बातों में रात होने दो क्या ठिकाना है अपनी साँसों
का हो सके उतना साथ होने दो

दिल तो ले ही लिया जाँ भी ले लीजिये गम के बीमार पर ये करम किजिये दर्दे-दिल अब तो हादसे गुजरने लगा पास आकर अब तो थोड़ा मरहम किजिये

शाम होते तेरी तस्वीर नजर आती है पिछली बिगड़ी हुई तकदीर नज़र आती है जब कभी मैंने उसे दिल से हटाना चाहा उसमे से हल्की सी मुस्कान नज़र आती है

बीमार को मरज़ की दवा देनी चाहिए मैं पीना चाहता हूँ पिला देनी चाहिए अल्लाह बरकतों से नवाज़ेगा इश्क़ में है जितनी पूँजी पास लगा देनी चाहिए

ज़िंदगी किस तरह बसर होगी दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में

करूँगा क्या जो मोहब्बत में हो गया नाकाम मुझे तो और कोई काम भी नहीं आता

जो धरती से अम्बर जोड़े
उसका नाम मोहब्बत है
जो शीशे से पत्थर तोड़े
उसका नाम मोहब्बत है
कतरा कतरा सागर तक तो
जाती है हर उम्र मगर
बहता दरिया वापस मोड़े
उसका नाम मोहब्बत है

किसी पत्थर में मूरत है कोई पत्थर की मूरत है  लो हमने देख ली दुनिया जो इतनी ख़ूबसूरत है  ज़माना अपनी समझे पर मुझे अपनी खबर ये है  तुम्हें मेरी जरूरत है मुझे तेरी जरूरत है

कोई कब तक महज सोचे
कोई कब तक महज गाए ईलाही क्या ये मुमकिन है कि कुछ ऐसा भी हो जाए मेरा मेहताब उसकी रात के आगोश मे पिघले मैँ उसकी नीँद मेँ जागूँ वो मुझमे घुल के सो जाए

मेरे जीने मरने में
तुम्हारा नाम आएगा मैं सांस रोक लू फिर भी
यही इलज़ाम आएगा हर एक धड़कन में जब तुम हो
तो फिर अपराध क्या मेरा अगर राधा पुकारेंगी
तो घनश्याम आएगा

मैं उसका हूँ वो इस एहसास से इनकार करता है भरी महफ़िल में भी
रुसवा हर बार करता है यकीं है सारी दुनिया को
खफा है मुझसे वो लेकिन मुझे मालूम है फिर भी मुझी से प्यार करता है

सूरत तो फिर भी सूरत है
मुझे तो तेरे नाम के लोग भी अच्छे लगते है

तेरी हर खामियाँ मंजूर है सनम बस थामे रहना हाथ मेरा यूँ ही उम्र भर

काश में पानी का एक घूँट होता
तेरे होठों से लगता और तेरी रग रग में समा जाता

बीच आस्मां में था बात करते- करते ही चांद इस तरह बुझा जैसे फूंक से दिया देखो तुम… इतनी लम्बी सांस मत लिया करो

सुनो….ज़रा रास्ता तो बताना. मोहब्बत के सफ़र से
वापसी है मेरी..

छुप कर क्यूं पढ़ते हो…अल्फ़ाज़ों को मेंरे… सीधे दिल ही पढ़ लो…साँसो तक तुम्ही हो..

तुझे छूने की चाहत है ऐसी जैसे ज़िन्दगी महसूस करनी है…. वरना प्यार तो तुझे हम दूर से देखकर ही कर लेते है

एक नाम…एक ज़िक्र…. एक तुम…एक तुम्हारी फ़िक्र …. बस यही तो है…. इश्क़ मेरा…. ज़िंदगी मेरी…… सिर्फ तुम

तेरी चाहत ने निखारा है इस कदर मुझको
आईना भी कहता है मेरी क्या जरुरत है तुझको….

इज़हारे इश्क़ … महज लफ्जो का मोहताज नहीं
वो आँखों से भी सुनता है…. तू नज़र से बयाँ तो कर…..

हद से ज्यादा प्यार शायरी 2022

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मोहब्बत नजर और स्पर्श की मोहताज नही नज़रों से दूर और छूने से परे जो कायम रहे वो ही मोहब्बत है

तुम्हारा साथ तसल्ली से चाहिए मुझे.. जन्मों की थकान लम्हों में कहाँ उतरती है !!

दोस्ती वो है जो आपके जज़्बात को समझे हमसफ़र वो है जो आपके अहसास को समझे

*दायरों में बंध जाऊं ऐसी आदत कहाँ रही…* *मैंने रोके हैं गर कदम तो तुझमें कुछ तो बात होगी..!!!

तेरी हसरत तेरा अरमान नहीं छोड़ेंगे
हम जीते जी इश्क का मैदान नहीं छोड़ेंगे..

वो चाहता है कि मैं नाकाम हो जाऊ मोहब्बत में इसीलिए वो चुमा मुझे ओंठ पर ज़हर लगा कर

तू मुझमे ऐसे बसी है कि मैं खुद में कम रहता हूं हँसी पर हंसता नही
गम पर रोता नही जाने आज कल कहां रहता हूं

रात क्या हुई उनका अंदाज़ – ए – मुहब्बत तो देखिए…. मेरी ही बाहों में मासूमियत से गिरकर कहते हैं संभालो मुझको…..

तुमने देखा है कभी चांद से पानी गिरते हुए … मैने देखा है
ये मंजर
तुम्हें चेहरा धोते हुए …

ए खुदा मोहूबत भी तूने अजीब चीज बनाए है
तेरे ही बन्दे तेरी मस्जिद में तेरे ही सामने रोते है लेकिन तुजे नहीं किसी और को पाने के लिये…

रात भर तारीफ करता रहा तेरी चाँद से… चाँद इतना जला की सुबह तक सूरज हो गया !!!

अबकी बार मिलेंगे तो खूब रुलायेंगे उस संगदिल को
सुना है रोते में उनके लिपट जाने की आदत है…

झुमकों से कह दो गालों को चूमना छोड़ दे.. साहब..इश्क रुसवा हुआ तो कत्ल हज़ार होंगे..

बडे खुशनसीब हैं हम जो तेरे दिल को भा गये….. सुना था तेरा दिल बड़े नखरे बाज है

वो आज फिर से मिले अजनबी से बनकर
और हमें आज फिर से… …मोहब्बत हो गई !!

ये चांद की आवारगी भी यूंही नहीं है
कोई है जो इसे दिनभर जला कर गया है..

राहों में मेरे साथ चल तू
थामे मेरा हाथ चल तू
अगर आ जाए कितनी भी मुश्किलें न छोडूंगी कभी तेरा साथ कह तू…

एक कविता ऐसी लिखूं जो तेरी आँखों में दिखाई दे… जो आँखें बंद भी करलू तो तुझे सांसो में सुनाई दे

सर से पा तक वो गुलाबों का शजर लगता है बा-वज़ू हो के भी छूते हुए डर लगता है मैं तिरे साथ सितारों से गुज़र सकता हूँ कितना आसान मोहब्बत का सफ़र लगता है

दुआ करो कि ये पौदा सदा हरा ही लगे उदासियों में भी चेहरा खिला खिला ही लगे वो सादगी न करे कुछ भी तो अदा ही लगे वो भोल-पन है कि बेबाकी भी हया ही लगे

देख कितना हसीन मौसम है हर तरफ़ इक अजीब आलम है जलवे इस तरह आज निखरे हैं जैसे तारे ज़मीं पे बिखरे हैं

जब से ज़ुल्फ़ों की छाँव पाई है बेक़रारी को नींद आई है इस तरह मत जा यूँही सोने दे रात ढलने दे सुबह होने दे

तू चाँद मे सितारा होता आसमान के एक आशियाना में एक आशियाना हमारा होता लोग तुम्हे दूर से देखते नज़दीक से देखने का हक़ बस हमारा होता|

जब खामोश आँखों से बात होती है
तो ऐसे ही मोहब्बत की शुरुआत होती है
तेरे ही ख्यालों में खोये रहते हैं
न जाने कब दिन और कब रात होती है

बहुत खूबसूरत वो रातें होती हैं
जब तुमसे दिल की बातें होतीं हैं

उनके साथ रहते रहते उनसे चाहत सी हो गई
उनसे बात करते करते एक आदत सी हो गई
एक पल वो हमे न मिले तो दिल बेचैन हो जाता है
उनसे दोस्ती निभाते निभाते उनसे मोहब्बत सी हो गई

ऐ काश कोई खुशियों की दुकान होती
और मुझे उसकी पहचान होती
खरीद लेता आपके लिए हर एक ख़ुशी
चाहे उसकी कीमत मेरी जान होती

बस मुझे अपने बाहों में सुलालो
फिर चाहे कितना भी मुझे रुला लो

हर पल मोहब्बत करने का वादा है आपसे
हर पल साथ निभाने का वादा है आपसे
कभी ये मत समझ न हम आपको भूल जायेंगे
जिंदगी भर साथ चलने का वादा है आपसे

हमे फिर सुहाना नज़ारा मिला है
क्योंकि जिंदगी में साथ तुम्हारा मिला है
अब जिंदगी में कोई ख्वाइश नही रही
क्योंकि हमे अब तुम्हारी बाहों का सहारा मिला है

इश्क बिना जिंदगी फ़िज़ूल है
लेकिन इश्क के भी अपने उसूल है
कहते है इश्क में है बहुत उल्फ़ते
जब तेरे जैसा हो साथी तो सब कबूल है

न जाने कैसा ये तीर जिगर के पार हुआ
न जाने क्यों ये दिल बेकरार हुआ
तू कभी मेरे सामने तो आया नही
फिर भी न जाने क्यों तुझसे इतना मुझे प्यार हुआ

मीठी मीठी यादे पलकों पे सजा लेना एक साथ गुज़ारे पल को दिल में बसा लेना नज़र ना आऊं हकीकत में अगर मुस्कुरा कर मुझे सपनो में बुला लेना

प्यार हम उनको करते हैं
जो हमारी फ़िकर करते हैं
कदर हम उनकी करते हैं
जो हमारी इज्ज़त करतें हैं
जीते हैं हम उनके लिए
जो हम पर मरते हैं

तरसती नज़रो ने हर पल आपको ऐसे मागा
जैसे हर अमावस में चांद मागा
रूठ गया वो खुदा भी हमसे
जब हमने अपनी हर दुआ में आपको मागा

जो प्यार का रिश्ता हम बनाते है
उसे लोगो से क्यों छुपाते है
क्या गुनाह है किसी को प्यार करना
तो बचपन से हमे प्यार करना क्यों सिखाते है

कभी करते है ज़िंदगी की तमन्ना तो कभी मौत का इंतज़ार करते है वो हमसे क्यों दूर है पता नहीं जिन्हे हम ज़िंदगी से भी ज़्यादा प्यार करते है

खुशियों की दामन में आँसू गिराकर तो देखिये
ये रिश्ता कितना सच्चा है आजमा कर तो देखिये
आपके रूठने से क्या होगी मेरे दिल की हालत
किसी आइने पर पत्थर गिराकर तो देखिये