Gussa Shayari

Gussa Shayari In Hindi | गुस्सा शायरी

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Gussa Shayari In Hindi | गुस्सा शायरी | क्रोध शायरी | खुद पर गुस्सा शायरी | Share Whatsapp Facebook Shayari Gussa Life Me Gussa Aa Ke कोई मिला ही नही जिससे वफ़ा करते , हर इक ने धोखा दिया किस-किस को सज़ा देते … अब हम कभी ना जागेंगे रातों को,उसकी यादों के सहारे। बस हमने तो फ़ितरत बदलनी है,उसकी नज़रों की तरह। Gussa Shayari Hindi 2021

Gussa Shayari गुस्सा शायरी

गुस्सा_शायरी

1.जब भी खोलो आप अपनी पलकें;
उन पलकों में बस खुशियों की झलक हो।
मुझे मालूम है तुमने बहुत बरसातें देखी है,
मगर मेरी इन्हीं आँखों से सावन हार जाता है…

2.शाम से आंख में नमीं सी है,
आज फिर आपकी कमी सी है !
लाख मिठाइयां चखी हो तुमने मगर..
खुशी के आंशू का स्वाद सबसे मीठा है…

3.मैंने दिल के दरवाजे पर चिपका दी है एक चेतावनी,
फ़ना होने का दम रखना तभी भीतर कदम रखना..!!

4.फ़िक्र नहीं हमें की तुम दिल तोड़ दो ..! फ़िक्र है
हमें की कहीं तुम्हें इश्क न हो जाये

5.काश कभी तुम समझ पाओ इस प्यार के जुनून को,
हैरान रह जाओगे मेरे दिल में अपनी कदर देख कर…!!

6.दुनियाँ की हर चीज…
ठोकर लगने से टूट जाया करती है.
एक कामयाबी ही है…
जो ठोकर खा के ही मिलती है …!!

7.जरूरी तो बहुत है ईश्क जिन्दगी मे मगर…
ये जानलेवा जरूरत भगवान किसी को न दें…!!

8.बहुत नजदीक हो के भी वो इतना दूर है मुझसे,
इशारा हो नहीं सकता…पुकारा जा नहीं सकता….

9.कभी किसी के दिल से खिलवाड़ मत करना
कभी किसी के दिल का दर्द मत बनना
जो न दे सको किसी का साथ जिंदगी भर
कभी किसी से झूठा प्यार मत करना.?

10.”जिन्हे आना है वो खुद लौट आयेंगे तेरे पास ए दोस्त,
बुलाने पर तो परिंदे भी गुरुर करते है अपनी उड़ान पर !!”..

11.प्यार के उजाले में गम का अंधेरा क्युँ है,
जिसको हम चाहें वही रूलाता क्युँ है,
मेरे रबा अगर वो मेरा नसीब नही तो..
ऐसे लोगों से हमें मिलाता क्युँ है..

खुद पर गुस्सा शायरी

Gussa-Shayari-Hindi

Gussa Shayari इतना टूटा हूँ के छूने से बिखर जाऊँगा अब अगर और दुआ दोगे तो मर जाउंगा किसी भी मोड़ पर अगर​ , मै बुरा लगूं , ​तो ज़माने को बताने से पहले​ , एक बार मुझे जरूर बता देना , बदलना मुझे है , ज़माने को नहीं ..Gussa Shayari In Hindi | क्रोध शायरी | फिर ना किजीएगा मेरी गुस्ताख निगाहों का गिला ” ” देखिए आपने फिर आज प्यार से देखा मुझे” ” जिनके आँगन में अमीरी के शजर लगते हैं…. उनके हर ऐब ज़माने को हुनर लगते हैं …!! अब इतना भी„ खूब ना लिखा „ करो यारो………., आप सबके , अल्फ़ाज़ों „ से इश्क़ „ सा होने लगा है…….. गुस्सा शायरी

1.मुझे हराकर कोई मेरी जान भी ले जाए मुझे मंजुर है..!!
लेकिन धोखा देने वालों को मै दुबारा मौका नही देता..!

2.कहते है दोस्त मुझसे के तू कितना खुश नसीब है…..
तू शायरी लिखता है आज मैं कहता हूँ
रब किसी को शायर न बनाये..
इस हुनर को पाने मे बड़ा दर्द होता है

3.ज़िंदगी की कसौटी से हर रिश्ता गुज़र गया,
कुछ निकले खरे सोने से, कुछ का पानी उतर गया..!!

4.कभी कभी मेरी आँखे यूँ ही रो पडती है..
मै इनको कैसे समझाऊँ कि
कोई शक्स सिर्फ चाहने से ही अपना नही हो जाता….
किस्मत की लकीरें भी चाहिए

5.मोहब्बत के रास्ते कितने भी मखमली क्यो न हो
खत्म तन्हाई के कम्मबल मे ही होते है

6..आंसुओं की बूँदें हैं या आँखों की नमी है..न ऊपर आसमां है न नीचे ज़मी है
यह कैसा मोड़ है ज़िन्दगी का उसी की ज़रूरत है और उसी की कमी है

7.ठोकर ना लगा मुझे पत्थर नही हूँ मैं हैरत से ना देख कोई मंज़र नही हूँ
मैं उनकी नज़र में मेरी कदर कुछ भी नही मगर उनसे पूछो जिन्हें हासिल नही हूँ मैं

8.गम इस बात का नही कि तुम बेवफा निकली,
मगर अफ़सोस ये है कि वो सब लोग सच निकले
जिनसे मैं तेरे लिए लड़ा करता था

क्रोध शायरी

hindi-Gussa Shayari

गुस्सा शायरी बेशक मुझ पे गुस्सा करने का हक़ है तुम्हे पर नाराजगी में ये मत भूल जाना की हम प्यार करते है तुमसे एक शब्द है Gussa Shayari In Hindi (आँसू) दिल में छुपा कर रखो तुम्हारी आँखों से ना निकल जाए तो कहना, मैं जो सोता हूँ तो जाग उठती है क़िस्मत मेरी , रोज़ वो ख़्वाब में आते हैं गले मिलने !! क्रोध शायरी

1.अपना होगा तो सता के मरहम देगा …
जालिम होगा अपना बना के जख्म देगा
समय से पहले पकती नहीं फसल…
अरे बहुत बरबादियां अभी मौसम देगा

2.मुलाक़ातें तो आज भी हो जाती है तुमसे..
ख़्वाब किसी “ताले” के मोहताज नही हैं..
तेरी आँखों से यू तो सागर भी पिए हैं मैने..
तुझे क्या खबर जुदाई के दिन कैसे जिए हैं मैने.

3.कितने मजबूर हैं हम प्यार के हाथों,
ना तुझे पाने की औकात…
ना तुझे खोने का हौसला।

4.नजर और नसीब के मिलने का इत्तफाक कुछ ऐसा है कि,
नजर को पसंद हमेशा वही आता है ,जो नसीब मे नही होता…!!

5.अपने खुदा से जब भी अपना मुक़द्दर मांगेंगे ,
और भले ही कुछ न मांगें, तुम्हें उम्र-भर मांगेंगे ….
मुझसे दूरियाँ बनाकर तो देखो…
फिर पता चलेगा कितना नज़दीक हूँ मैं..

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