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Ghamand Shayari In Hindi घमंड शायरी Status

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Ghamand Shayari In Hindi

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रूबरू होने की तो छोङिये, लोग गूफ्तगू से भी कतराने लगे हैं…
गुरूर आेढ़े हैं रिश्ते, अपनी हैसियत पर इतराने लगे हैं

झुकी-झुकी पलकें चेहरे पे कितना नूर है ज़ालिम की सादगी में भी देखो कितना गुरूर है

समय के साथ चलने से,समय जीना सिखाता है, अकड़ कर चलनेवालों का, घमंड टूट जाता है, कहानी चार दिन की है, जमाना भूल जाता है, सिर्फ अपनों को ही, गुजरा जमाना याद आता है,

प्रेम सदा माफ़ी माँगना पसंद करता है, अहंकार सदा माफ़ी सुनना पसंद करता है।

मुझे घमंड था की मेरे चाहने वाले बहुत है इस दुनिया में, बाद में पता चला की सब चाहते है अपनी ज़रूरत के लिए.

बड़ा वो नहींजो दूसरोंको छोटा समझे ,बल्कि बड़ा वोहै जिससे मिलकर कोई छोटा न महसूस करे।

 जलतीलकड़ी देखकरमन मेंआया विचार,
तनकी होनीयही गतिफिर कैसाअहंकार !

खाने में नमक हमेशा स्वाद अनुसार, और अकड औकात अनुसार

अकड़# और #नाम# हमे हमारे #पूर्वजो# ने दिया है, लोग जीना नहीं #छोड़ सकते और हम अपनी #अकड़ .।

हमारी खामोशी पर मत जाओ, राख के नीचे अक्सर आग दबी होती है, इज्जत दोगे तो इज्जत पाओगे, वरना अकड़ दिखाओगे तो उखड़ जाओगे .।

जिंदगी में उनकी कमी रह गई…, इतनी उल्फत के बाद भी वो मुझे न मिली, शायद मेरी किस्मत में ही कुछ कमी रह गई.”

इतना उछला न करो, सारी औकात धरी रह जाएगी, होंगे सामने जब हम, ये अकड़ काम ना आएगी .।

अपनी 💪 औकात अपनी जेब मे रख 😠 साले, तेरे जैसे 😏 कितनो को हमने ऐसे ही मार 😎 डाला .।

मैं खाने पे आऊंगा मगर पिऊंगा नहीं साकी, ये शराब मे मेरा गम मिटाने की औकात नहीं रखती .।

हम वो ही हैं, बस जरा ठिकाना बदल गया हैं अब, तेरे दिल से निकल कर, अपनी #औकात में रहते हैं .।

अगर किसी की उसकी ‪औकात‬ से ज्यादा इज्जत कर लो, तो वो खुद को तुम्हारा ‪बाप‬ समझने लगता है .।

औकात की क्या बात करती है? #छोरी तो उनमें से है जो #शराफत भी बड़ी #बदमाशी से #करता है .।

अपनी जुबान को औकात में रहना सिख लो, क्युकि जो बात हमारे दिमाग में खटकती हैं, उस इंसान की एक भी हड्डियाँ नहीं बचती हैं .।

किसी ने पूछा, कहॉ रहते हो? हम ने कहा औकात में हम से फिर पूछा कब तक? मैंने कहा जब तक सामने वाला रहे तब तक .।

दुशमनो कि तो #औकात ही क्या है? क्युकि #मौत भी #दो कदम पीछे चलती है उसको भी पता है? अपनी मर्ज़ी से #जीते है हम .।

बहुत #गरूर था #सबको अपने #नाम पर, अब हमारा नाम चलेगा और सब 2 कोड़ी के लोग #औकात मे आयेगे .।

तेरी अकड़ मै कुछ इस तरह से तोडूंगा, यकीन मान कही का नहीं छोड़ूगा .।

वो मंज़िल ही बदनसीब थी जो हमे पा ना सकी, वरना जीत की क्या औकात जो हमे ठुकरा दे .।

दुशमनो कि तो #औकात हि क्या है, क्युकि #मौत भी #दो कदम पिछे चलती है, #उसको भी पता है, अपनी #मजीॅ से #जीते है .।