गाँव_की_याद_शायरी

गाँव की याद शायरी | Gav Ki Yaad Shayari

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गाँव की याद शायरी ✪➦ सिमट कर रह गया मेरा प्यार कुछ ही ➪ Gav Ki Yaad Shayari लफ्जो मे दोस्तो…जब उस पगली ने कहा ➠ मोहब्बत तो करती हूँ आपसे पर मेरी शादी किसी और के साथ होने वाली है..|•|

गाँव की याद शायरी

हद-ए-शहर से निकली तो गाँव-गाँव चली
कुछ यादे मेरे संग पाँव-पाँव चली सफ़र
जो धूप का किया तो तजुर्बा हुआ
वो जिंदगी ही क्या जो छाँव-छाँव चली।

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