Best 2021+ दुःख भरी शायरी Dukh Bhari Shayari

Dukh Bhari Shayari A perfect couple is a myth. You don’t need be a perfect Dukh Bhari Shayari couple to be in beautiful relationship because perfect couples don’t exist. There are couples that are madly in love and then there are couples that are made for each other but there is no such thing as a perfect couple. A beautiful relationship is about two imperfect people who just click together, share an out of the world chemistry and complement each other flawlessly. Attitude Shayari  for Girls

दुःख भरी शायरी

1

तुम्हारे नाम को होंठों पर सजाया है मैंने!

तुम्हारी रूह को अपने दिल में बसाया है मैंने!

दुनिया आपको ढूंढते ढूंढते हो जायेगी पागल!

दिल के ऐसे कोने में छुपाया है मैंने!

2

चहरे पर हंसी छा जाती है!

आँखों में सुरूर आ जाता है!

जब तुम मुझे अपना कहते हो,

अपने पर गुरुर आ जाता है!

3

दिल को था आपका बेसबरी से इंतजार!

पलके भी थी आपकी एक झलक को बेकरार!

आपके आने से आयी है कुछ ऐसी बहार!

कि दिल बस मांगे आपके लिये खुशियाँ बेशुमार!

4

जब कोई ख्याल दिल से टकराता है!

दिल न चाह कर भी, खामोश रह जाता है!

कोई सब कुछ कहकर, प्यार जताता है!

कोई कुछ न कहकर भी, सब बोल जाता है!

5

ज़िन्दगी की हकीकत को बस इतना ही जाना है !

दर्द में अकेले हैं और खुशियों में सारा जमाना है…!

6

लगता है मैं भूल चुका हूँ मुस्कुराने का हुनर

कोशिश जब भी करता हूँ आँसू निकल आते हैं!….

आज फिर देखा किसीने मोहब्बत भरी निगाहों से,

एक बार फिर तेरी खातिर हमने अपनी निगाहें झुका ली !!

7

कितना बेबस है इंसान किस्मत के आगे;

कितना दूर है ख्वाब हकीकत के आगे;

कोई रुकी हुई सी धड़कन से पूछे;

कितना तड़पता है यह दिल मोहब्बत के आगे।

8

​मैंने रब से कहा वो छोड़ के चली गई;

पता नहीं उसकी क्या मजबूरी थी;

रब ने कहा इसमें उसका कोई कसूर नहीं;

यह कहानी तो मैंने लिखी ही अधूरी थी।

9

दिल से दूर जिन्हें हम कर ना सके;

पास भी उन्हें हम कभी पा ना सके;

मिटा दिया प्यार जिसने हमारे दिल से;

हम उनका नाम लिख कर भी मिटा ना सके।

10

कुछ आँसू होते हैं जो बहते नहीं;

लोग अपने प्यार के बिना रहते नहीं;

हम जानते हैं आपको भी आती है हमारी याद;

पर जाने क्यों आप हमसे कहते नहीं।

11

इस तरह मिली वो मुझे सालों के बाद,

जैसे हक़ीक़त मिली हो ख़यालों के बाद,

मैं पूछता रहा उस से ख़तायें अपनी,

वो बहुत रोई मेरे सवालों के बाद|

12

तुझे मोहब्बत करना नहीं आता;

मुझे मोहब्बत के सिवा कुछ आता नहीं;

ज़िंदगी गुज़ारने के दो ही तरीके हैं;

एक तुझे नहीं आता, एक मुझे नहीं आता!

13

“दिल की बात दिल में छुपा लेते हैं वो,

हमको देख कर मुस्कुरा देते हैं वो,

हमसे तो सब पूछ लेते हैं,

पर हमारी ही बात हमसे छुपा लेते हैं वो|”

14

“किताबों के पन्नो को पलट के सोचता हूँ,

यूँ पलट जाए मेरी ज़िंदगी तो क्या बात है.

ख्वाबों मे रोज मिलता है जो,

हक़ीकत में आए तो क्या बात है.”

15

“कुछ मतलब के लिए ढूँढते हैं मुझको,

बिन मतलब जो आए तो क्या बात है,

कत्ल कर के तो सब ले जाएँगे दिल मेरा,

कोई बातों से ले जाए तो क्या बात है.”

140 Dukh Bhari Shayari Hindi

16

कितना अच्छा होता अगर मेरी ज़िन्दगी भी उस किताब की तरह होती…..

जिसके पिछले पन्नों पर…सभी सवालों के जवाब लिखे होते है

17

न जाने क्यों हमें आँसू बहाना नहीं आता!

न जाने क्यों हाल-ऐ-दिल बताना नहीं आता!

क्यों सब दोस्त बिछड़ गए हमसे!

शायद हमें ही साथ निभाना नहीं आता!

18

मुस्कराने के मकसद न ढूँढो…

वर्ना जिन्दगी यूँ ही कट जाएगी…

कभी बेवजह भी मुस्कुरा के देखो

आपके साथ साथ जिन्दगी भी मुस्कराएगी ॥

19

बहोत लोग मिले पर वो महोबत ना मिली जिसकी चाहत थी

वो किस्मत ना मिली जिनके लिये बैठे है

इंतजार मे उन्हे हमारे लिए

एक पल की फुरसत ना मिली

20

मैंने अपनी हर एक सांस तुम्हारी गुलाम कर रखी है,

लोगो में ये ज़िन्दगी बदनाम कर रखी है,

अब ये आइना भी किस काम का मेरे,

मैंने तो अपनी परछाई भी तुम्हारे नाम कर रखी है.

21

रिश्ते किसी से कुछ यूँ निभा लो,

कि उसके दिल के सारे गम चुरा लो;

इतना असर छोड दो किसी पे अपना,

कि हर कोई कहे हमें भी अपना बना लो।

22

मेरी चाहतें तुमसे अलग कब हैं,

दिल की बातें तुम से छुपी कब हैं;

तुम साथ रहो दिल में धड़कन की जगह,

फिर ज़िन्दगी को साँसों की ज़रूरत कब है।

23

दोस्ती का शुक्रिया कुछ इस तरह अदा करू,

आप भूल भी जाओ तो मे हर पल याद करू,

खुदा ने बस इतना सिखाया हे

मुझे कि खुद से पहले आपके लिए दुआ करू..

24

बिन बात के ही रूठने की आदत है,

किसी अपने का साथ पाने की चाहत है,

आप खुश रहें, मेरा क्या है..

मैं तो आइना हूँ, मुझे तो टूटने की आदत है।

25

नया दर्द एक और दिल में जगा कर चला गया​;​ ​​

कल फिर वो मेरे शहर में आकर चला गया​;​ ​​

जिसे ढूंढ़ता रहा मैं लोगों ​की भीड़ में;​ ​​

मुझसे वो अप​ने आप ​को छुपा कर चला गया।

27

उल्फत का अक्सर यही दस्तूर होता है,

जिसे चाहो वही अपने से दूर होता है,

दिल टूटकर बिखरता है इस कदर ,

जैसे कोई कांच का खिलौना चूर-चूर होता है!

28

इत्तेफ़ाक़ से ही सही मगर मुलाकात हो गयी;

ढूंढ रहे थे हम जिन्हें उन से बात हो गयी;

देखते ही उन को जाने कहाँ खो गए हम;

बस यूँ समझो वहीं से हमारे प्यार की शुरुआत हो गयी।

29

तन्हाई का उसने मंज़र नहीं देखा,

अफ़सोस की मेरे दिल के अन्दर नहीं देखा,

दिल टूटने का दर्द वो क्या जाने……,

वो लम्हा उसने कभी जी कर नहीं देखा.

30

तालीमें नहीं दी जाती परिंदों को उड़ानों की वो खुद ही

तय करते है, ऊंचाई आसमानों की रखते है

जो हौसला आसमान को छूने का वो नही

करते परवाह जमीन पे गिर जाने की।

31

तुम जो ये मशवरा-ए-तर्क-ए-वफा देते हो

उम्र एक रात नहीं है

जो गुज़र जायेगी उनकी यादों का तसलसुल

जो कहीं टूट गया ज़िन्दगी तू मेरी नज़रों से उतर जायेगी

New Dukh Bhari Shayari 2021

32

कदम जब चूम ले मंज़िल तो जज़्बा मुस्कुराता है

दुआ लेकर चलो माँ की तो रस्ता मुस्कुराता है

किया नाराज़ माँ को और बच्चा हँस के ये बोला के ये माँ है

मियाँ इसका तो गुस्सा मुस्कुराता है

किताबों से निकलकर तितलियाँ ग़ज़लेँ सुनाती हैँ

टिफिन रखती है मेरी माँ तो बस्ता मुस्कुराता है

सभी रिश्ते यहाँ बर्बाद हैँ मतलब परस्ती से

मगर सदियों से माँ-बेटे का रिश्ता मुस्कुराता है।

सुबह उठते ही जब मैँ चूमता हूँ माँ की आँखों को

ख़ुदा के साथ उसका हर फरिश्ता मुस्कुराता है

मेरी माँ के बिना मेरी सभी ग़ज़लेँ अधूरी हैँ

अगर माँ लफ़्ज़ शामिल हो तो किस्सा मुस्कुराता है

वो उजला हो के मैला हो या मँहगा हो के सस्ता हो

ये माँ का सर है इस पे हर दुपट्टा मुस्कुराता है

फरिश्तों ने कहा आमाल का संदूक क्या खोलेँ दुआ लाया है

माँ की, इसका बक्सा मुस्कुराता है।

33

भीगी हुई आँखों का ये मंज़र न मिलेगा

घर छोड़ के मत जाओ कहीं घर न मिलेगा i

फिर याद बहुत आयेगी ज़ुल्फ़ों की घनी

शाम जब धूप में साया कोई सर पर न मिलेगा I

आँसू को कभी ओस का क़तरा न समझना

ऐसा तुम्हें चाहत का समुंदर न मिलेगा I

इस ख़्वाब के माहौल में बे-ख़्वाब हैं

आँखें बाज़ार में ऐसा कोई ज़ेवर न मिलेगा I

ये सोच लो अब आख़िरी साया है

मुहब्बत इस दर से उठोगे तो कोई दर न मिलेगा I’

‘ इंसां की ख़्वाहिशों की कोई इंतिहा नहीं ।

दो गज़ ज़मीं भी चाहिये दो गज़ कफ़न के बाद।।

लौ दे उठे हवा कभी दामन तो क्या अजब।

यूंही चराग़ उलझते रहे गर हवा के साथ ।।

34

बिन बात के ही रूठने की आदत है,

किसी अपने का साथ पाने की चाहत है,

आप खुश रहें, मेरा क्या है..

मैं तो आइना हूँ, मुझे तो टूटने की आदत है।

35

Sar-e-Bazaar Nikloon To,,

Awaargi Ki Tohmat…!!!

Tanhaayi Me Baitthoon To,

Ilzaam-e-Mohabbat…!!!

36

Meri har khusi har baat

Teri h sanso me chupi ye hayat

Teri h do pal bhi nhi reh sakta

tere bin dadkano ki dadakti

har aawaz Teri h ….

37

Hamare intekab ka shumar kuch bhi ho

ham jishe chaynge use besumar kar denge ….

Dukh Bhari Shayari

Yeh DiL Hi Jaanta Hai Meri Paak Mohabbat Ka Aalam,

Ki Mujhe Jeene Ke Liye Saanso Ki Nahi Teri Zarurat Hai…!!

38

Jinki shayri me hoti h sishkiya akshar

wo log sayar nahi kisi bewafa ke diwane hote h …….

39

Khun me ubal wo aaj bhi khandani h

duniya hamare shok ki nahi hamare tewaar ki diwani he ……

40

Zindagi Mujh Sey Kehti Hai Ky Har Dum Udaas Na Raha Kar!

!Mein Kehta Hun Koi Waja To Bata Dey Muskuraney Ki

41

Ham to jal gaye uski muhhabat me mom ki tarah

Agar fir bhi wo hame bewafa kahe to uski wafa ko salaam...

42

Zindagi hamari yun hi sitam hogi

khushi na jaane kahan dafan hogi

likha khuda ne muhabbat sabki taqdeer mai

hamari baari aayi tu sehahe he khatm hogai…

43

♡♡° Zara sa Maan rakh lena k Tum Meri Mohabbat ho,

Sitam Tum Soch kar karna k Tum Meri Mohabbat ho,

°♡♡ ♡♡° Agar Jane ki Zid hai to Chaly jao Magar Sun lo,

K Jaldi Lot k Aana k Tum Meri Mohabbat ho,

°♡♡ ♡♡° Jigar k Khoon se Likh kar Tujhy Pegham Bheja hai,

Tum Ik Ik Lafz ko Parhna k Tum Meri Mohabbat ho,

°♡♡ ♡♡° Main Mitt jaun ga Duniya sy Mujhy Dil se Mitana mat,

Sada Dil mein Mujhy rakhna k Tum Meri Mohabbat ho…!!

44

Riston ki dori kamjor hoti hai

Ankhon ki baten DIL ki chori hoti hai

Khuda ne jab bhi puchha dosti ka matlab

Hamari ungli apki ore hoti hai..

45

Loot Rahi Thi Meri Duniya Mere Saamne,

Mera Saaya Bhi Mujhse Chuut Raha Tha,

Waqt Daikh Raha Tha Tamasha Meri Barbadiyon Ka….iii

iiii Main Bebas Aaine Ki Tarah Toot Raha Tha..

46

Aisa lagta hai kuch hone ja raha hai,

Koi mithi sapno me khone ja rha hai,

Dheemi kr de apni roshni ae chand,

Mera koyi apnaa sone ja raha hain.

47

#‎thokar na Mar patthar nahi hu my

#‎hairat se na dekh manzar nahi hu my

#‎teri nazar me meri kadar kuch bhi nahi

#‎meri kadar unse puch jinhe haseel nahi hu mai…

48

Qadmo Main Kayenat Bhi Rakhi Gai

Magar Humny Tumhary Pyar Ka Sauda Nahi Kiya

49

Kab tak wo mere pyar se Inkar Karega

khud Totkar Ek Din Mujhse Pyar Karega

Main Itna jala Doongi ousse Ishq ki aag mein

k izhar Mohabbat. Wo Sare Bazar Karege

50

True lines….

Kisi se shirf utna hi door hona,

Ki use apki ahmiyt ka ehsas ho jye.

Lekin kbhi itna bhi dur mt hona,

Ki vo apke bina jena sekh le.

51

Kabhi Usko Bhi Meri Yaad Sataati Hogi.

Apni Aankhon Mei Mere Khawab Woh Bhi Sajaati Hogi.

Woh Jo Har Waqt Khayaalon Mei Basi Rehti Hai.

Kabhi To Woh Meri Bhi Yadon Mei Kho Jaati Hogi..

52

Dil ki hasrat zuban pe aane lagi

Tune dekha aur zindagi muskurane lagi

Ye ishq ki inteha thi ya deewangi meri

Har soorat me soorat teri nazar aane lagi.

53

Pyar koi barish ka nam nhi

Jo barse aur tham jaaye Pyar suraj bhi nahi ,

Jo chamke aur doob jaye Pyar to naam hai

saans ka Jo chale toh zindagi aur Ruke toh maut ban jaaye..!!

54

Maine unse pyar kiya, yeh mere pyar ki had thi.

Maine unpe itabar kiya, yeh mere itabar ki had thi.

Markar bhi khuli rahi meri aakhen,

yeh mere intizaar ki had thi….

55

Nahi tha zor uski sitam nawaziyon ka,

Magar mujhe bhi hosle mere khuda se mile,

Meri amma kyun kehti hai baar baar mujhse,

Wo mohabbat hi kya jo iltija se mile…

56

Aesa Jagaya Aapne Ke Ab Tak Na So Sake

Yun Rulaya Aapne Ke Mehfil Mein

Hum Ro Na Sake Na Jaane Kya Baat Hai

Aap Mein Sanam Mana Hai Jabse

Tumhe Apna Kisi Ke Hum Ho Na Sake..

57

Mar Kar Tamanna Jeene Ji Kishe Nhi Hoti

Ro Ke Khush Hone Ki Tamanna Kishe Nhi Hoti

Keh Toh Diya K Jee Le Ge Apno Ke Bagair

Par Apno Ki Tamanna Kise Nahi Hoti!

58

♡♡° Parda nasheen woh Waqt na laa, Sajdon ko shikayat hojaye.

°♡♡ ♡♡° Main Tere tagaful pe jaan du, Aur Teri inayat ho jaye…!! °♡♡

59

Ye mat kahena ki teri yaad se rishta nahi rakha

Main khud tanha raha magar dil ko tanha nahi rakha

Tumhari chahton ke phool to mehfooz rakhe hain

Tumhari nafraton ki peer ko zinda nahi rakha ♥♥

60

Kisi Shayar ne kya Khoob Kaha Hai….!! .

Jise Tum sacche Dil Se Pyar Karo Use Kabhi Mat Aazmana,

Kyo Ki Agar Woh Gunhegaar Bhi Hua Toh Dil Tumhara Hi Tutega…

61

Ho Gayi Hai Mohabbat To Sambhal Kar Rehna Aye Dost,

Chhoti Si Galti Pe Log Yaha Saath Chhor Jaate Hai..

62

Ek sach ye bhi hai ki .

Pyar kehkar karne wali cheez nahi hai .

Ye toh bus ek feeling hai jo har kisi ke liye aati nahi .

Aur jis ke liye aajaye uske liye kabhi jati nahi

63

Bahot Ajib Hoti Hai Ye Yaade Bhi Mohabbat Ki,

Jin Palo Me Hum Roye The,

Unhein Yaad Karke Hume Hansi Aati Hai,

Or Jin Palo Me Hanse The,

Unhe Yaad Karke Rona Aata Hai..!!

64

Is behte dard ko mat roko..

Ye to saza hai kisi ke intezar ki..

Log inhe ansu kahe ya dewangi..

Par ye to nishani h kisi ke pyar ki…

65

Kisi se pyar itna karna ki hadh na ho.

per aitbar bhi itna rakhna ke shak na ho

wafa itni ho ki kabhi bewafai na ho

aur dua itna karna ki kabhi judai na ho…!

Two people can be beautifully compatible with each other by accepting each others imperfections. They may be poles apart in their personalities but a perfect relationship is not about being similar or like-minded, it’s about being consistent. The beauty of a real relationship is that although a couple might not agree on many things but they still crave to be together. They might fight on silly things but they are still crazy about each other. They might have different choices and a different taste for everything in life but they are utterly passionate about each other. A perfect couple is actually two imperfect people that love each other perfectly…