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दोस्त को खुश करने के लिए शायरी | Dosto Ko Khush Karne Ke Liye Shayari

दोस्त को खुश करने के लिए शायरी | Dosto Ko Khush Karne Ke Liye Shayari | ज़रा सी उदासी हो …और वो कायनात पलट दे, ऐसा भी इक दोस्त तो होना चाहिए.!! इन ताज़ी हवाओं में फूलों की महक हो;
पहली किरण में पंछियों की चहक हो; मौज मस्ती वाली शायरी

दोस्त को खुश करने के लिए शायरी

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1.ए दोस्त बातें करके रुला ना दीजियेगा,
यूं चुप रहके सज़ा ना दीजियेगा,
ना दे सके खुशी तो ग़म ही सही,
पर दोस्त बना के यूं भुला ना दीजियेगा

2.कौन किस से चाहकर दूर होता है,
हर कोई अपने हालातों से मजबूर होता है,
हम तो बस इतना जानते हैं…
हर रिश्ता “मोती” और हर दोस्त “कोहिनूर” होता है।

3.निभाते नहीं है लोग आजकल…! वरना…
इंसानियत से बड़ा रिश्ता कौन सा है…

4.”वो नदिया नहीं आंसू थॆ मॆरॆ, दोस्त जिनपर,
वो कश्ती चलातॆ रहे मंज़िल मीलॆ उन्हॆ ये चाहत थी मेरी,
इसलऎ हम आंसू बहातॆ रहे दोस्त

5.काटो के बदले फूल क्या दोगे,
आँसू के बदले खुशी क्या दोगे,
हम चाहते है आप से उमर भर की दोस्ती,
हमारे इस शायरी का जवाब क्या दोगे?

6.चाहत वो नहीं जो जान देती है,
चाहत वो नहीं जो मुस्कान देती है,
ऐ दोस्त चाहत तो वो है,
जो पानी में गिरा आंसू पहचान लेती हैं.

7.जिंदगी में हमेशा सबकी जरुरत रखो पर कभी किसी की कमी नहीं;
क्योंकि जरुरत और कोई भी पूरी कर सकता है दोस्त
पर किसी की कमी कोई पूरी नहीं कर सकता।

8.दर्द से हाथ न मिलाते तो और क्या करते,
गम के आंसू न बहते तो और क्या करते,
उसने मांगी थी हमसे रौशनी की दुआ,
हम खुद को न जलाते तो और क्या करते!

9.कभी आंसू, कभी सजदे, तो कभी हाथों का उठ जाना..
मोहब्बत नकाम हो जाएँ, तो रब बहुत याद आता ह..!!
तुमने क्या सोचा कि तुम्हारे सिवा कोई नही मुझेचाहने वाला..
पगली छोङ कर तो देख,
मौत तैयार खङी है मुझे अपने सीने लगाने के लिए..!!

10.हम तो बदनसीब लोग है…
हमारे हाथो में जख्म पहले लिखे जाते है.
नसीब बाद में….

11.काश तेरा प्यार भी “ए दिल” निकाह जैसा होता……,, .
तीन बार प्यारप्यारप्यार कहकर तेरे रुबरु हो जाते…!!

12.एक दिन हमारे आँसू हमसे पूछ बैठे;
हमें रोज़-रोज़ क्यों बुलाते हो;
हमने कहा हम याद तो उन्हें करते हैं;
तुम क्यों चले आते हो…!!

13.ज़रा सी उदासी हो …और वो कायनात पलट दे,
ऐसा भी इक दोस्त तो होना चाहिए.!!