दिल_में_हो_तुम_शायरी

दिल में हो तुम शायरी | Dil Me Ho Tum Shayari

दिल में हो तुम शायरी

दिल में हुई उनसे यूँ मुलाक़ात के मुस्कुरा भी ना सके हम।
दो अश्क उनको जाता देख बहा भी ना सके हम।
इस नाचीज दिल की गुस्ताखी तो देखो दिल में हो तुम, .

दिल चला है चाँद से इश्क को इज़हार करने, .
जिसकी रोशनी से रोश्न है पूरी दुनियाँ, .
इसी को चला है प्यार की रोशनी देने….!!

खुदा अगर मेरी आखिरी ख्वाहिश पूछे तो तेरी हँसी मांग लूँ
आखिरी दुआ पूछे तो तेरे लिये खुशी मांग लूँ
दुबारा जनम दे तो पहले मैं तेरा प्यार मांग लूँ दिल में हो तुम. .

दिल में काँच का तोहफा ना देना कभी, .
रूठकर लोग तोड दिया करते है, .
जो बहुत अच्छे हो उनसे प्यार मत करना, .
अक्सर अच्छे लोग ही दिल तोड दिया करते है….!

ये जिंदगी तब हसीन होती है, .
चाहने से जब हर दुआ कबुल होती है, .
कहने को तो सब अपने है, .
पर काश कोई ऎसा हो दिल में हो तुम,.

जो ये कहे तेरे दर्द से मुझे तकलीफ होती है….!!
कांटो से बच बच के चलता रहा उम्र भर क्या खबर थी
की चोट एक फूल से लग जायेगी…
तजुर्बे ने एक बात सिखाई है…

किसी की गलतियों को बेनक़ाब ना कर,
‘खुदा’ बैठा है, तू हिसाब ना कर…..
कई जीत बाकी हैं, कई हार बाकी हैं..
अभी तो जिंदगी का सार बाकी है..

यहा से चले हैं नयी मंजिल के लिए,
ये एक पन्ना था अभी तो किताब बाकी है..! . .

सब जतन कर के देखे तुझे भुलाने के,
सब कुछ भूले, यहाँ तक की खुद को भी भुला बैठे,
बस एक तुझे भुला ना सके

मत पूछो कैसे गुजरता है हर पल तुम्हारे_बिना , .
कभी बात करने की हसरत कभी तुम्हें देखने की तमन्ना..