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दिल को छू जाने वाली देशभक्ति शायरी | 2021 Desh Bhakti Shayari

दिल को छू जाने वाली देशभक्ति शायरी 26 जनवरी को चाहे स्कूल हो या कॉलेज या आफिस सभी जगह लोग  26 जनवरी यानी कि गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में भाषण देते हैं। यदि आप भी 26 जनवरी को भाषण देना चहाते हैं। तो हमारा ये आर्टिकल आपके काम आएगा। इसे जरूर पढें। देशभक्ति शायरी 2021

दिल को छू जाने वाली देशभक्ति शायरी

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वतन हमारा ऐसा कोई न छोड़ पाये,
रिश्ता हमारा ऐसा कोई न तोड़ पाये,
दिल एक है एक है जान हमारी,
हिंदुस्तान हमारा है हम इसकी शान है


मै भारत बरस का हरदम अमित सम्मान करता हूँ,
यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ,
मुझे चिंता नही है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की,
तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ ||


खुशनसीब है वो जो वतन पर मिट जाते है,
मर कर भी वो लोग अमर हो जाते हैं,
करता हूँ उन्हें सलाम ए वतन पर मिटने वालों
तुम्हारी हर साँस में बसता तिरंगे का नसीब है


इंडियन होने पर करीए गर्व,
मिलके मनाएं लोकतंत्र का पर्व,
देश के दुश्मनों को मिलके हराओ,
हर घर पर तिरंगा लहराओ।


कुछ नशा तिरंगे की आन है
कुछ नशा मातृभूमि की शान का है
हम लहराएँगे हर जगह ये तिरंगा
नशा ये हिंदुस्तान की शान का है
Happy Republic Day

गूँज रहा है दुनिया में भारत का नगाडा,
चमक रहा आसमान में देश का सितारा,
आज़ादी के दिन आओ मिलके करें दुआ,
की बुलंदी पर लहराता रहे तिरंगा हमारा 🙏🙏🙏
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं

ना पूछो ज़माने से कि क्या हमारी कहानी है
हमारी पहचान तो बस इतनी है कि हम सब हिन्दुस्तानी हैं


किसी गजरे की खुशबु को महकता छोड़ के आया हूँ !
मेरी नन्ही सी चिड़िया को चहकता छोड़ के आया हूँ !
मुझे छाती से अपनी तू लगा लेना ऐ भारत_माँ !
में अपनी माँ की बाहों को तरसता छोड़ के आया हूँ !!
‎जय हिन्द..


ये नफरत बुरी है ना पालो इसे,
दिलों में नफरत है निकालो इसे,
ना तेरा, ना मेरा, ना इसका, ना उसका,
ये सब का वतन है बचालो इसे।


ना जियो धर्म के नाम पर,
ना मरो धर्म के नाम पर,
इंसानियत ही है धर्म वतन का
बस जियों वतन के नाम पर
Happy Republic Day

मुझे ना तन चाहिए, ना धन चाहिए,
बस अमन से भरा यह वतन चाहिए,
जब तक जिन्दा रहूं, इस मातृ-भूमि के लिए,
और जब मरुँ तो तिरंगा कफ़न चाहिये 💪💪💪

भारत के गणतंत्र का, सारे जग में मान,
दशकों से खिल रही, उसकी अद्भुत शान,
सब धर्मो को देकर मान रचा गया इतिहास का,
इसलिए हर देशवासी को इसमें है विश्वास

मैं तो सोया था गहरी नींद मैं,
सरहद पर था जवान जगा रात सारी,
ये सोच कर नींद मेरी उड़ गयी,
जवान कर रहा रक्षा हमारी।

गुल को गुलिस्तॉं से, प्यार न होता !
तो आज ये प्यारा सा ,संसार न होता !
देश के अमर शहीदों में,वो जज्बा न होता !
तो भारत आजाद और ये बहार न होता !!