देश_भक्ति_शायरी_पाकिस्तान_के_खिलाफ

देश भक्ति शायरी पाकिस्तान के खिलाफ

देश भक्ति शायरी पाकिस्तान के खिलाफ नफरतें आम सही प्यार बढ़ा कर देखो, इस अँधेरे में कोई शम्मा जलाकर देखो। इस भटकती हुई दुनिया को मिलेगी मंज़िल, मेरी आवाज़ में आवाज़ मिलाकर देखो। ख्वाब-ए-आज़ादी को ताबीर भी मिल जाएगी, मेरा फरमान-ए -मोहब्बत तो सुनाकर देखो। ऐ गरीबों के मकानों को जलाने वालों, शीशमहलों को हवा में उड़ाकर देखो।

देश भक्ति शायरी पाकिस्तान के खिलाफ

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1.गीले चावल में शक्कर क्या क्या गिरी,
तुम भिखारी खीर समझ बैठे,
चंद कुत्तो ने पाकिस्तान जिंदाबाद क्या बोला,
तुम कश्मीर को अपने बाप की ज़ागीर समझ बैठे.

2.और भी खूबसूरत और भी ऊंचा
मेरे देश का नाम हो जाये,
काश कि हर हिंदू विवेकानंद
और हर मुस्लिम कलाम हो जाये।

3.भारत का वीर जवान हूँ मैं,
ना हिन्दू, ना मुसलमान हूँ मैं,
जख्मो से भरा सीना हैं मगर,
दुश्मन के लिए चट्टान हूँ मैं,
भारत का वीर जवान हूँ मैं.

4.जब आँख खुले तो धरती हिन्दुस्तान की हो:
जब आँख बंद हो तो यादेँ हिन्दुस्तान की हो:
हम मर भी जाए तो कोई गम नही लेकिन,
मरते वक्त मिट्टी हिन्दुस्तान की हो।