भड़काने_वाली_शायरी

भड़काने वाली शायरी | Bhadkane Wali Shayari

भड़काने वाली शायरी | Bhadkane Wali Shayari | वो साथ होते तो सुधर भी जाते, छोड़कर उसने हमे आवारा बना दिया ! दिल में मोहब्बत का होना ज़रूरी है, वरना याद तो रोज दुश्मन भी किया करते हैं।

भड़काने वाली शायरी

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1.हमारी शराफत का फायदा उठाना बंद कर दो,
जिस दिन हम बदमाश हो गए क़यामत आ जायेगी !

2.खामोशी से बिखरना आ गया है,
हमें अब खुद उजड़ना आ गया है,

3.जिनके मिज़ाज़ दुनिया से अलग होते है ,
महफ़िलो में चर्चे उनके गज़ब होते है !

4.जो मेरे मुक्कदर में है वो खुद चल कर आएगा,
जो नहीं है उसे अपना खौफ लाएगा !

5.अभी आँखों की शमाएं जल रही हैं प्यार जिंदा है,
अभी मायूस मत होना अभी बीमार ज़िंदा है,
हजारों जख्म खाकर भी मैं दुश्मन के मुक़ाबिल हूँ,
खुदा का शुक्र अब तक दिल-ए-खुद्दार जिंदा है।

6.मत लो मेरे सब्र के बाँध का इम्तेहान,,
जब जब ये टुटा है , तूफ़ान ही आया है !

7.अगर प्यार से कोई फूंक मारे बुझ जायेगे,
नफरत से तो बड़े बड़े तूफ़ान बुझ गए मुझे बुझाने में !