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बगावत वाली शायरी – Bagawat Shayari

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बगावत वाली शायरी – Bagawat Shayari Hindi New Collection 2021 Shayari Bagawat Ki Shayari On Whatsapp & Facebook Share Friends And Enjoy 

बगावत वाली शायरी

बगावत है बहुत वक़्त बीत गया ….
कम से कम…. कुछ झूठे ही बहानें कर के चले ही आओ

नज़र चुरा के क्या जीना….
जीने के लिए आत्मसम्मान….. जिंदा होना चाहिए

कसम से बता रहे हैं..
लौट आओ…. वरना मर जांएगे हम… सोचते सोचते

आज़मा लो आज……यूँ रोज़ सताया ना करो….
बहुत रोओगे…. जान लो…. आज़माने के बाद

मुक़ाम वो चाहिए ज़िन्दगी में…. की लोग तारीफ करें….
सुकून वो चहिये की…..खुद को सुकून लगे

पास होके भी तुम्हारे….. अब वो बात नहीं….
जब से..….. बड़ी चुप-चाप से बस रहनें लगी हो तुम

ख़ामोश थे लब मेरे जब वो झूठ पे झूठ बोले जा रहे थे…..
एक दो हो तो कोई बात को काटे….
सबकुछ जब झूठ हो तो….. मन टूट जाता है…..

अजीब शामों की ये दास्ताँ है ‘मैकू’….
बिना तेरी याद में रुलाये….इनका जी नहीं भरता

मरनें को तो कोई भी तैयार नहीं है….
एक हम ही हैं….. जो तेरे इश्क़ में घायल लहूलुहान बैठे हैं

पसंद नहीं है मुझे उसका…. टिक टॉक बनाना…
मना करनें पर उसका चुप चाप… रूठकर बैठ जाना… भी मुझे पसंद नहीं है

चल सवेरा हो गया है…..
निकल अपनी जिंदगी की दौड़ में….
तुझे पिछले कल से खुद को बेहतर बनाना है

वो सामान थोड़ी है,इज़्ज़त है ।
है ना………..? तो इज़्ज़त कर नां………

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