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वोट मांगने के लिए शायरी

vote mangne ke liye shayari-sarpanch

मुझे ज्यादा नहीं आती है
सरपंच चुनाव पर शायरी,
मैं बस विकास से भरना चाहता हूं
अपने गांव की डायरी।

खोलें अपने विवेक के नयन,
करें उचित सरपंच का चयन।

भ्रष्टाचार करके नहीं करवाना
चाहते हो गांव का विध्वंस,
तो हमारे प्रत्याशी को बनाएं सरपंच।

सच्चे, कर्मठ और सुयोग्य है उम्मीदवार,
सरपंच बनाना है इन्हें पक्का इस बार।

 यह बात फैली है हर ढाणी हर घर में,
फलाना रामजी सरपंच बनेंगे इस बार नगर में।

विकास की सीढ़ी पर नाम होगा अपने गांव का,
हर नागरिक गुणगान करेगा काम का।

किसी भी गरीब की थाली,
नहीं रहेगी अब खाली।

अपनी तिजोरी को छोड़कर
गरीबों के लिए काम करें,
मुझे ऐसा सरपंच चाहिए
जो हमारे गाँव का ऊंचा नाम करे।

वैसा ही है भ्रष्टाचारी को सरपंच बनाना,
जैसे अपने पाँव पर खुद ही कुल्हाड़ी मारना।

प्रत्याशी खड़े हैं बड़े प्यारे,
लगा रहे हैं ग्राम प्रधान के नारे।

मत देना वोट उसको
जिसकी खोटी है नियत,
गांव के विकास में सरपंच की
होती है बड़ी अहमियत।

चुनाव शायरी सरपंच

हर गाँववासी को जागरूक बनना है,
अपने गांव के लिए सबसे अच्छा सरपंच चुनना है।

हम करेंगे आपकी
हर समस्या का समाधान,
हमें बनाना है आपको
अपना ग्राम प्रधान।

जीते वहीं ग्राम पंचायत का चुनाव
जो करना चाहता है गांव की भलाई,
मेरी तरफ से उस प्रत्याशी को
अग्रिम में चुनाव जीतने की हार्दिक बधाई।

आया है चुनाव का त्यौहार,
सरपंच वही बनेगा जो गांव में
लाएगा विकास की बौछार।

हमें बनाओ सरपंच और
मनाओ मतदान का पर्व,
कल आप लोगों को होगा
अपने मतदान पर गर्व।

हर ग्रामवासी को गरीबी से
ऊंचा उठाना है,
ABC को सरपंच बनाकर
खुद को जिताना है।

वोट देकर आप रखना हम पर लाज,
हम करेंगे गांव की गरीबी का इलाज।

सरपंच का पद है एक,
प्रत्याशी खड़े हैं अनेक,
पता नहीं कौन लगाएगा छक्का
और किसके गिरेंगे विकेट।

शायरी सरपंच

हर बार की तरह झूठे
वादे करके मत करना गुमराह,
गरीबी के द्वार पर बैठा हर इंसान
देख रहा है सच्चे सरपंच प्रत्याशी की राह।

हर गांव की तरह अपने गांव में भी है
सरपंच पद के कई दावेदार,
जो रखे सही में योग्यता

आया है ग्राम पंचायत का चुनाव
हर प्रत्याशी जोड़ रहा है हाथ,
पर भाइयों जिसके मन में है
गांव के विकास के प्रति सच्ची श्रद्धा,
उसी का देना साथ।

आये हैं पहनकर फटे कपड़े
डालकर घिसे जूते पाँव में,
क्योंकि सरपंच चुनाव आ गए हैं गाँव में।

जनता की जेब काटकर
खुद का पेट भरने वाले,
अब रंग दिखा रहे हैं बड़े निराले।

प्रत्याशी नये पर
खेल वही पुराना है,
पता नहीं क्यों बदल
नहीं रहा यह जमाना।

आज वोट मांग रहे हैं
हमारे पैर पकड़कर,
कल गरीबों की बात नहीं सुनेंगे
चाहे चले जाओ नाक रगड़ कर।

हर घर में होगा टांका
हर घर में होगा आवास,
साथ दो हमारा और
रखो हम पर विश्वास।

वोट मांगने के लिए शायरी

राजनीति सबको सूट नही करती है,
कुछ नेताओं की किस्मत बना देती है तो
कुछ नेताओं को बर्बाद कर देती है.

सरहदों पर बहुत तनाव है क्या,
कुछ पता तो करो चुनाव है क्या,
और खौफ बिखरा है दोनों समतो में,
तीसरी समत का दबाव है क्या’.

जरूरत पर सब यार होते हैं,
जरूरत न हो तो पलट कर वार होते हैं,
चुनाव नजदीक आ रहा हैं बच के रहना
क्योंकि ज्यादातर नेता गद्दार होते हैं.

पैसा लेकर चुनाव न करें,
किसी नेक को मतदान करें,
भारत का निर्माण करें,

चुनाव शायरी

एक बार फिर से करा ले अपनी पंचायत राज का इलेक्सन
इस बार तेरे सरपंच पद का इकलौता उम्मीदवार मैं रहूंगा |

इलेक्सन का माहोल है – फिर ख्वाबो का कारोबार होगा –
खरीददार आम जनता होगी – खवाबो का कत्ल हर बार होगा