वादा_तोड़ने_वाली_शायरी

वादा तोड़ने वाली शायरी

वादा तोड़ने वाली शायरी | ह्रदय को छू लेने वाली लाईनें  बड़े अनमोल हे ये खून के रिश्ते इनको तू बेकार न कर , wada todne wali shayari मेरा हिस्सा भी तू ले ले मेरे भाई घर के आँगन में दीवार ना कर…..

वादा तोड़ने वाली शायरी

1.यूं लम्हा-लम्हा सहारों का कर्ज दार न कर,
गिराना है तो गिरा दे संभालता क्यों है।
वो मिलेगा तो इक बात उस से पूछूंगा,
वो मार डालेगा मुझको तो पालता क्यों है।

2.एक दिन रौशनी करेंगे हम,
हमने सूरज निकलते देखा है।
आप नाहक गुरूर करते हैं,
अच्छे-अच्छों को ढलते देखा है।

3.ये दिल भुलाता नहीं है मोहब्बत उसकी
पड़ी हुई थी मुझे कितनी आदतें उसकी