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रोमांटिक शायरी फॉर गर्लफ्रैंड 2021

रोमांटिक शायरी फॉर गर्लफ्रैंड

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काश वो समझते इस दिल की तड़प को,
तो यूँ हमें रुसवा ना किया होता,
उनकी ये बेरुखी भी मंज़ूर थी हमें,
बस एक बार हमें समझ लिया होता |

डाली पर बैठे हुए परिंदे को पता है
कि डाली कमज़ोर है
फिर भी वो उस डाली पर है क्यो?
क़्योकी उसको डाली से ज़यादा अपने पंख पर भरोसा है

नशीली आँखों से वो जब हमें देखते हैं;
हम घबरा कर आँखें झुका लेते हैं;
कौन मिलाये उन आँखों से आँखें;
सुना है वो आँखों से अपना बना लेते हैं।

डाली पर बैठे हुए परिंदे को पता है
कि डाली कमज़ोर है फिर भी वो उस डाली पर है क्यो?
क़्योकी उसको डाली से ज़यादा अपने पंख पर भरोसा है

किसी ने मुझसे पूछा कि तुम उसे
पाने के लिए किस हद तक जा सकते हो……?
मैंने मुस्कुरा के कहा “अगर हदे पार करनी होती,
तो उसे कब का पा लिया होता.

आज दिल उदास नहीं, अहसास है तू पास नहीं.
लब हस्ते हैं मेरे, झूट हैं या सच कोई सवाल नहीं

उन पंछियों को कैद में रखना आदत नही हमारी ..,,
जो हमारे दिल के पिंजरे में रहकर गैरों के साथ उड़ने का शौक रखते हों..

जितना तुमने समझा उतनी दूर नहीं थे हम !
टूट गए थे लेकिन चकनाचूर नहीं थे हम !
क्या हो जाता तुमने मुड़कर “देख” लिया होता !
शायद तुमको दिल से ही “मंजूर” नहीं थे हम !!

उलझी शाम को पाने की ज़िद न करो;
जो ना हो अपना उसे अपनाने की ज़िद न करो;
इस समंदर में तूफ़ान बहुत आते है;
इसके साहिल पर घर बनाने की ज़िद न करो।

“तुम्हारा एक पल का साथ खरीदने के लिए…,
थोड़ी-थोड़ी जिन्दगी रोज़ बेचते है हम…।

हर घडी एक नाम याद आता है;
कभी सुबह, कभी शाम याद आता है;
सोचते हैं हम कि कर लें फिर से मोहब्बत;
फिर हमें मोहब्बत का अंजाम याद आता है।

#सच्चा प्यार तो जिन्दगी मै एक बार होता है।
#दुसरी बार प्यार तो..
#पहेले प्यार को भुलाने के लिए किया जाता है

जिनकी आंखें आंसू से नम नहीं क्या समझते हो
उसे कोई गम नहीं तुम तड़प कर रो दिये
तो क्या हुआ गम छुपा के हंसने वाले भी कम नहीं।

लुटता गया, मिटता गया, तकदीर से पिटता गया
फिर भी कलम की नोंक को कागज पे घिसता गया
खोता गया, खोता गया, सब कुछ मेरा खोता गया होता गया,
होता गया, तूने चाहा जो होता गया “जिन्हेँ सिखाया था कभी,

हँसना सौ सौ बार। वही आज देते हमेँ, एक मुस्कान उधार।।”
बारिश और महोबत दोनों ही यादगार होते हे,
बारिश में जिस्म भीगता हैं और महोबत मैं आँखे