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मुझे गलत मत समझना शायरी | Mujhe Galat Mat Samajhna Shayari

मुझे गलत मत समझना शायरी

आज तेरी याद हम सीने से लगा कर रोये ..
तन्हाई मैं तुझे हम पास बुला कर रोये
कई बार पुकारा इस दिल मैं तुम्हें
और हर बार तुम्हें ना पाकर हम रोये

तन्हाई ना पाए कोई साथ के बाद,
जुदाई ना पाए कोई मुलाकात के बाद,
ना पड़े किसी को किसी की आदात इतनी,
कि हर सांस भी आए उसकी याद के बाद..

आसुओ को पलकों में लाया न कीजिये,
दिल की बात हर किसी को बताया न कीजिये,
मुट्ठी में नमक लेकर गुमते है लोग,
अपने ज़ख़्म हर किसी को दिखाया न कीजिये..

जो नहीं लड़ते वही तो हार जाते हैं
हौसले वाले तो बाज़ी मार जाते हैं

देखते रहने से क्या होगा रवानी को
जो उतर जाये वो दरिया पार जाते हैं

डर नहीं सकते लहर से या तूफानों से
जो समंदर में बिना पतवार जाते हैं

कोशिशें करते लगाते बंदिशे कितनी
इश्क में जुड़ ही दिलों के तार जाते हैं

हो भरोसा आपको जिसपे बहुत ज्यादा
पीठ में खंज़र वही तो मार जाते हैं

हम खुदा तुम को बना लेंगे तुम आओ तो सही
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तुमको हम दिल में बसा लेंगे,तुम आओ तो सही
सारी दुनिया से छुपा लेंगे, तुम आओ तो सही

एक वादा करो अब हमसे ना बिछड़ोगे कभी
नाज़ हम सारे उठा लेंगे, तुम आओ तो सही

बेवफा भी हो, सितमगर भी, जफा पेशा भी
हम ख़ुदा तुमको बन लेंगे, तुम आओ तो सही

एक तिल्खवतभी मिट जाएगी रफ्ता-रफ्ता
जिस तरह होगा माना लेंगे, तुम आओ तो सही.

राह तारीख है और दूर है मंजिल लेकिन
दर्द की शम्में जला लेंगे, तुम आओ तो सही…..

एक लड़की ने क्या खूब लिखा है,

में जब अपनी आँखें झुका कर चलती हुँ तो मेरे पिता और मेरा भाई सर उठा कर चलते है।