मन_नहीं_लगता_शायरी

मन नहीं लगता शायरी | Mann Nahi Lagta Shayari 2021

मन नहीं लगता शायरी

तेरे साथ की कहा जरूरत है
हम तो तेरी आवाज से ही खुश हो जाते है
साथ उन्हे चाहिये जो अधुरे हो
हम तो तेरी आहट से ही पुरे हो जाते है…

कौन यहाँ किसको अपने दिल में जगह देता है
हुज़ूर मतलब निकल जाए तो हर कोई भूला देता है
हमे मत समझाओ वाकिफ हैं हम दुनिया के रिवाजों से
अजी पेड़ भी सूखे पत्तों को गिरा देता है

वो कह के चले इतनी मुलाकात बहुत है
हमने कहा रूक जाओ अभी तो रात बहुत है
आंसू मेरे थम जाये तो शौक से चले जाना
ऐसे में कहा जाओगे अभी बरसात बहुत है

निशाते हाल से बे फिक्रे मुस्तकबिल ना हो जाना,
खुद अपने हाथ अपनी ज़ात के क़ातिल ना हो जाना,

कभी दामने-साहिल में भी क़श्ती डुब जाती हे,
निकल कर हल्का ऐ गर्दाब से गाफिल ना हो जाना,

वक़ारे-ज़ात का इतना भरम रखना मोहब्बत मे,
करम की हद से बढ के रहम के क़ाबिल ना हो जाना,

नज़र तो जुस्तुजू मे खुद हिजाबे जल्वा होती हे,
कहीं राहे तलब मे बेनियाज़े दिल ना हो जाना,

तेरी हस्ती ना जब तक मुन्फरिद एक ज़ात बन जाऐ,
हुजुमे कारगाहे दहर मे शामिल ना हो जाना,