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प्यार भरी शायरी दो लाइन | 2021 स्टेटस

प्यार भरी शायरी दो लाइन

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“काश फिर मिलने की वजह मिल जाए!
“साथ जितना भी बिताया वो पल मिल जाए!

“चलो अपनी अपनी आँखें बंद कर लें!
“क्या पता ख़्वाबों में गुज़रा हुआ कल मिल जाए!

नुमाइश गम की हो या जख्म की अच्छी नहीं होती ….!
अब इस से भी बढ़कर गुनाह-ए-आशिकी क्या होगा…

हर पल छोटे – बड़े ,प्यारे-प्यारे मैसेज , आते है
कोई हंसाते है , कोई रूलाते है !!

प्यार भरी शायरी दो लाइन 2021

कोशिश के बावजूद भी जो पूरी न हो सके ,.,
हाँ ..! तेरा नाम भीं उन्हीं ख्वाइशों में से है ,.,!!

मतलबी दुनिया मे लोग अफसोस से कहते हैं, की कोई किसी का नही..??
लेकिन कोई यह नहीं सोचता की,हम किसके हुए…!!

आँखों में रहा दिल में उतर कर ना देखा;
कश्ती के मुसाफिर ने समंदर ना देखा;
पत्थर मुझे कहता है मुझे चाहने वाला;
मैं मोम हूँ उसने मुझे छु कर ना देखा।

लफ्ज लफ्ज कागज या किताब…
कहाँ कहाँ रखें हम तुम्हारी यादों
का हिसाब…..!!!

एक अज़ीब सा रिश्ता है मेरे और ख्वाहिशों के दरम्यां,
वो मुझे जीने नही देती… और मै उन्हे मरने नही देता..!!

बस यही सोच कर हर मुश्किलो से लड़ता हू
धूप कितनी भी तेज़ हो समन्दर नहीं सूखा करते…..

प्यार भरी शायरी दो लाइन

सँवर रहा है अब वज़ूद मेरा, बदल रहा है मिजाज़ मेरा !!
मेरे दिल पर तेरी हुक़ूमत, है मेरी मर्जी पर राज़ तेरा !!

मुस्कुराना तो मेरी सक्शियत का हिस्सा है दोस्तों,
तुम मुझे खुश समझ कर दुआओं में भूल मत जाना !!

मंजिल का नाराज होना भी जायज था….
हम भी तो अजनबी राहों से दिल लगा बैठे थे….।

अब अपनी शख्सियत की भला मैं क्या मिसाल दूँ तुम्हे
ना जाने कितने लोग मशहूर हो गये, मुझे बदनाम करते करते !!

तेरे प्यार का सिला हर हाल में देंगे;
खुदा भी मांगे ये दिल तो टाल देंगे;
अगर दिल ने कहा तुम बेवफ़ा हो;
तो इस दिल को भी सीने से निकाल देंगे।

संगमरमर के महल में तेरी ही तस्वीर सजाऊंगा;
मेरे इस दिल में ऐ प्यार तेरे ही ख्वाब सजाऊंगा;
यूँ एक बार आजमा के देख तेरे दिल में बस जाऊंगा;
मैं तो प्यार का हूँ प्यासा जो तेरे आगोश में मर जाऊॅंगा।

चली आती है… तेरी याद
मेरे जहन में अक्सर !
तुझे हो ना हो तेरी यादो को
जरूर मुझसे मोहब्बत है !!

तआल्लुक़ रख लिया बाक़ी, यक़ीं तोड़ आया हूँ,
किसी का साथ देना था, किसी को छोड़ आया हूँ।
तुम्हारे साथ जीने की क़सम खाने से कुछ पहले,
मैं कुछ यादें, कई क़समें कहीं पे तोड़ आया हूँ ।

न पूछो हालत मेरी रूसवाई के बाद,
मंजिल खो गयी है मेरी, जुदाई के बाद,
नजर को घेरती है हर पल घटा यादों की,
गुमनाम हो गया हूँ गम-ए-तन्हाई के बाद!!