परिचय_के_लिए_शायरी

परिचय के लिए शायरी

परिचय के लिए शायरी

parichay-ke-liye-shayari

1.किताब-ए-इश्क़ लिखने की मुझे फुर्सत नही,,,,,,
अभी बे-वफाई पर मेरी तफ्तीश जारी है !

2.नजर है बदली बदली सी, अदा है जानी पहचानी |
तुझे हम मान गए, मान गये, मान गये जानी

3.तजुर्बा एक ही काफी था ,
बयान करने के लिए ,
मैंने देखा ही नहीं इश्क़…..
दोबारा करके….

4.जरूरी नही जो श्यारी करे उसे इश्क ही हो….
जीदगीं भी कभी कभी जख्म लाईलाज देती है..

5.तुझे याद करना, न करना अब मेरे बस में कहाँ.,
दिल को आदत है हर धड़कन पे तेरा नाम लेने की..”